उपमुख्यमंत्री ने संस्कृति और विरासत को बढ़ावा देने के लिए दिए महत्वपूर्ण दिशा-निर्देश
दौसा के चांदबावड़ी में आयोजित दो दिवसीय आभानेरी उत्सव में उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने भाग लिया। इस अवसर पर पारंपरिक लोक कलाकारों ने उनका भव्य स्वागत किया और रंगारंग सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से उत्सव में चार चांद लगाए।
उत्सव में देश-विदेश से आए पर्यटकों की मौजूदगी ने आयोजन की भव्यता और आकर्षण को और बढ़ा दिया। आभानेरी उत्सव में राजस्थान की समृद्ध लोक संस्कृति, परंपराएं और कलात्मक विरासत जीवंत रूप में देखने को मिली।
उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि राजस्थान अपनी अतिथि सत्कार की परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और लोक कलाओं के लिए विश्वभर में प्रसिद्ध है। उन्होंने बताया कि आभानेरी उत्सव न केवल हमारी संस्कृति की पहचान को मजबूत करता है, बल्कि लोक कलाकारों को मंच प्रदान करने में भी सहायक है। राज्य सरकार इसके लिए कई योजनाएं चला रही है, जिनका लाभ कलाकारों तक पहुँच रहा है।
इस दौरान दिया कुमारी ने चांदबावड़ी का दौरा भी किया और अधिकारियों को विरासत की देखभाल के लिए दिशा निर्देश दिए। उन्होंने सभी से अपील की कि स्वदेशी उत्पादों को प्राथमिकता दी जाए ताकि रोजगार और आत्मनिर्भर भारत को बढ़ावा मिले।
उपमुख्यमंत्री ने हर्षद माता मंदिर में विशेष पूजा अर्चना की और प्रदेश की खुशहाली की कामना की। इसके अलावा उन्होंने स्वयं मिट्टी के दिए बनाकर सभी को दिवाली की शुभकामनाएँ भी दी।
कार्यक्रम में बांदीकुई-दौसा विधायक भागचंद सैनी, जिला अध्यक्ष लक्ष्मी रेला, मंडल अध्यक्ष धर्म सिंह बेरवा, महिपाल सिंह सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित थे।