काशी का विकास और सुरक्षा: CM योगी का वाराणसी में बयान

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काशी का विकास और सुरक्षा: CM योगी का वाराणसी में बयान

Uttar Pradesh News : मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी में बयान दिया कि काशी के खिलाफ बार-बार साज़िशें की जा रही हैं, लेकिन राज्य सरकार इन सभी प्रयासों को नाकाम कर रही है। सीएम ने यह भी बताया कि कुछ लोग काशी की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुँचाने के लिए फिरौती मांगते रहे हैं। उन्होंने कहा, “काशी का भौतिक और आध्यात्मिक विकास निरंतर जारी है, और कांग्रेस इस अभियान को बदनाम करने की कोशिश कर रही है।”

मुख्यमंत्री योगी ने खासकर मणिकर्णिका घाट और हरिशचंद्र घाट का जिक्र करते हुए कहा कि इन स्थलों के मंदिरों को सुरक्षित रखा जाएगा और विकास कार्य धार्मिक भावनाओं का अपमान नहीं करेगा। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि लोगों को गलत जानकारी देने के लिए AI वीडियो और अन्य माध्यमों का सहारा लिया जा रहा है।

गंगा संरक्षण और अंतिम संस्कार की गरिमा पर जोर


मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य सरकार अंतिम संस्कार में उपस्थित लोगों को उचित सुविधाएं और सुरक्षा प्रदान करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। उन्होंने यह भी बताया कि शवदाह के समय राख सीधे गंगा में नहीं डाली जाती, जिससे गंगा के बीओडी और सीओडी स्तर को नियंत्रित रखा जा सकता है।

सरकार ने डोम समुदाय के अंतिम संस्कार की गरिमा को बनाए रखने के लिए विशेष ध्यान दिया है। इस क्रम में शवदाह के लिए प्लेटफार्म का निर्माण किया गया है, साथ ही प्रतीक्षालय, लकड़ी भंडारण, शौचालय, रैम्प, ड्रेनेज और अपशिष्ट प्रबंधन जैसी सुविधाएँ भी उपलब्ध कराई गई हैं। मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि गंगा नदी के जलस्तर को स्थिर रखते हुए ये सुधार कार्य किए जा रहे हैं, जिससे धार्मिक और पारंपरिक संस्कारों का सम्मान बना रह सके।

काशी के विकास में निवेश और श्रद्धालुओं की बढ़ती संख्या

मुख्यमंत्री ने काशी के विकास से जुड़ा एक व्यापक आंकड़ा प्रस्तुत करते हुए बताया कि 2014 से पहले यहां रोजाना 5,000 से 25,000 श्रद्धालु आते थे, जबकि वर्तमान में यह संख्या बढ़कर 1.25 लाख से 1.50 लाख तक पहुंच चुकी है। उन्होंने यह भी उल्लेख किया कि काशी ने देश की जीडीपी में 1.3 लाख करोड़ रुपये का योगदान दिया है।

योगी आदित्यनाथ ने बताया कि काशी के विकास पर विशेष फोकस इसलिए किया गया है क्योंकि यह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संसदीय क्षेत्र है। पिछले 11 से 11.5 वर्षों में काशी के लिए 55 हजार करोड़ रुपये से अधिक की योजनाएं स्वीकृत की गई हैं, जिनमें से 36 हजार करोड़ रुपये की परियोजनाएं पहले ही लोकार्पित हो चुकी हैं, जबकि बाकी परियोजनाएं तेज गति से आगे बढ़ रही हैं।

मुख्यमंत्री ने यह भी बताया कि स्वतंत्र भारत में काशी को जिस सम्मान का हक था, वह पहले नहीं मिल सका। हालाँकि, अब यह शहर अपनी आध्यात्मिक और सांस्कृतिक धरोहर को संजोते हुए नए विकास की दिशा में बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि काशी धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि भौतिक विकास और पर्यटन के क्षेत्र में भी देश के लिए एक उदाहरण बनती जा रही है।

काशी में चल रहे विकास कार्य न केवल श्रद्धालुओं के अनुभव को समृद्ध बना रहे हैं, बल्कि यह स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी मजबूत कर रहे हैं और नए रोजगार के अवसर पैदा कर रहे हैं। मुख्यमंत्री योगी ने यह स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की मंशा है कि काशी को उसके ऐतिहासिक, धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्य के अनुरूप राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत किया जाए।

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