आज से शुरुआत हो चुकी है पंचदिवसीय दीपोत्सव की, धन और आरोग्य के महा-पर्व ‘धनतेरस’ के साथ!
सदियों से चली आ रही मान्यताओं के अनुसार, इसी पावन तिथि पर समुद्र मंथन के दौरान देवताओं के वैद्य — भगवान धन्वंतरि — अपने कर-कमलों में अमृत कलश लेकर प्रकट हुए थे।
इसीलिए, धनतेरस का यह दिन न केवल धन की देवी माँ लक्ष्मी को समर्पित है, बल्कि उत्तम स्वास्थ्य के देवता भगवान धन्वंतरि की उपासना का भी पावन अवसर है।
इस वर्ष का धनतेरस पर्व अत्यंत शुभ योग लेकर आया है — क्योंकि आज प्रदोष काल का संयोग बन रहा है, जो इस दिन की गई पूजा, आराधना और खरीददारी को और अधिक फलदायी और मंगलमय बना देता है।
आज के दिन हमें दो देवों की विशेष कृपा प्राप्त करनी है —
भगवान धन्वंतरि से उत्तम आरोग्य की,
और देव कुबेर से अखंड धन-समृद्धि की।
तो ध्यान रखिए —
आज का अति-शुभ मुहूर्त है शाम 7 बजकर 15 मिनट से रात 8 बजकर 20 मिनट तक।
इस पावन बेला में दीप जलाइए,
भगवान धन्वंतरि, माता लक्ष्मी और देव कुबेर की आराधना कीजिए —
और अपने घर लाएँ सुख, समृद्धि, धन-संपदा और सबसे अनमोल वरदान — उत्तम स्वास्थ्य।
यहां दी गई जानकारियां धार्मिक आस्था और लोक मान्यताओं पर आधारित हैं। इसका कोई भी वैज्ञानिक प्रमाण नहीं है। Update India TV एक भी बात की सत्यता का प्रमाण नहीं देता है।