देवस्थान विभाग प्रदेश के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर तीर्थयात्रियों के लिए ठहरने की बेहतर व्यवस्था हेतु पुरानी धर्मशालाओं में सुविधाओं का विस्तार और नई, अत्याधुनिक धर्मशालाओं का निर्माण करेगा। इसके लिए विभाग अपनी नीति में संशोधन करेगा। मंगलवार को सचिवालय में मंत्री जोराराम कुमावत की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में इस पर सहमति बनी।
बैठक में पुराने धर्मशालाओं के किराए में वृद्धि और बीओटी (बिल्ड-ऑपरेट-ट्रांसफर) मॉडल पर नई धर्मशालाओं के निर्माण की नीति बनाने का निर्णय लिया गया। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की बजट घोषणा 2025-26 के क्रियान्वयन के लिए भी दिशा-निर्देश दिए गए। साथ ही, प्रदेश व अन्य राज्यों के मंदिरों की मरम्मत के लिए इसी माह में डीपीआर तैयार करने के आदेश हुए।
वरिष्ठजन तीर्थयात्रा
वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना-2025 की लॉटरी अगले सप्ताह निकाली जाएगी। 10 अगस्त 2025 तक 1,84,495 वरिष्ठजन ऑनलाइन आवेदन कर चुके हैं। जिला स्तर पर कलेक्टर की अध्यक्षता में गठित कमेटी पात्र लोगों का चयन करेगी।
चार नीतियों पर चर्चा
दान नीति, धार्मिक नीति, सह संचालन नीति और किराया नीति में संशोधन पर मंथन हुआ। इसके अलावा ऋषभदेव मंदिर की आरती ऑनलाइन करने, गोगामेड़ी मंदिर के पुजारियों को आवंटित भूमि के निरस्तीकरण, मंदिरों की कृषि भूमि को ई-ऑक्शन से लीज पर देने और भूमि का डाटा ऑनलाइन करने जैसे मुद्दों पर विचार हुआ।
बैठक में शासन सचिव केके पाठक, आयुक्त कन्हैयालाल स्वामी, उप शासन सचिव आलोक सैनी, अतिरिक्त आयुक्त अशोक शर्मा सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।