शुभमन गिल को वनडे कप्तानी मिलने के बाद भी रोहित शर्मा और विराट कोहली टीम इंडिया की योजनाओं के केंद्र में हैं। दोनों का अनुभव और जज़्बा 2027 विश्व कप में भारत की सबसे बड़ी ताकत साबित हो सकता है।
भारतीय क्रिकेट में नया अध्याय शुरू हो चुका है। लेकिन भारतीय क्रिकेट में जब “क्लास” और “लीडरशिप” की बात होती है, तो दो नाम सबसे पहले सामने आते हैं — रोहित शर्मा और विराट कोहली।
हाल ही में वनडे कप्तानी से रोहित शर्मा को हटाए जाने के फैसले ने क्रिकेट जगत को झकझोर दिया है। चयन समिति की ओर से शुभमन गिल को नया वनडे कप्तान बनाने के बाद कई सवाल उठे — क्या अब रोहित और विराट का वनडे करियर खत्म होने की ओर है?
दो दिग्गज, दो कहानियां — एक लक्ष्य: टीम इंडिया की जीत
रोहित शर्मा ने 2024 टी20 वर्ल्ड कप में भारत को चैंपियन बनाया, वहीं विराट कोहली ने फाइनल में निर्णायक पारी खेलकर टीम को जीत दिलाई।
दोनों ने अपने करियर के इस मुकाम पर भी देश के लिए खेलना और जीतना अपनी प्राथमिकता बताया था।
अब जब 2027 वर्ल्ड कप की चर्चाएं शुरू हो चुकी हैं, तो फैंस चाहते हैं कि यह जोड़ी एक बार फिर “मिशन वर्ल्ड कप” के लिए साथ उतरे। दोनों खिलाड़ी न सिर्फ फिट हैं, बल्कि लगातार प्रैक्टिस में जुटे हुए हैं — ये दिखाता है कि उनका फोकस अब भी अगले वर्ल्ड कप पर है।
रोहित-विराट की भूमिका अब भी अहम
बीसीसीआई के मुख्य चयनकर्ता अजीत अगरकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि “रोहित शर्मा और विराट कोहली ने 2027 विश्व कप को लेकर कोई प्रतिबद्धता नहीं जताई है।” इस बयान को लेकर भले ही अटकलें तेज़ हैं, लेकिन इन दोनों खिलाड़ियों का समर्पण और अनुभव भारतीय टीम की ताकत बना हुआ है।
दोनों सीनियर खिलाड़ियों ने हाल के वर्षों में भारत को कई बड़ी सफलताएँ दिलाई हैं —
- रोहित शर्मा ने 2025 चैंपियंस ट्रॉफी फाइनल में भारत को खिताबी जीत दिलाई थी और ‘प्लेयर ऑफ द मैच’ रहे थे।
- विराट कोहली ने 2023 के वनडे वर्ल्ड कप में सबसे अधिक रन बनाए थे, जबकि 2024 टी20 वर्ल्ड कप के फाइनल में उन्होंने प्लेयर ऑफ द मैच बनकर भारत को विश्व चैंपियन बनाया था।
इतने शानदार प्रदर्शन के बावजूद, दोनों को लेकर चयनकर्ताओं की “अनिश्चितता” ने फैंस के दिलों में निराशा भर दी है।
क्रिकेट जगत की मिली-जुली प्रतिक्रिया
जहां कुछ पूर्व खिलाड़ी इस बदलाव को “युवा नेतृत्व की ओर कदम” बता रहे हैं, वहीं कई दिग्गज जैसे हरभजन सिंह और मोहम्मद कैफ़ ने इस फैसले को जल्दबाज़ी बताया है।
कैफ़ ने कहा, “रोहित शर्मा ने 16 साल टीम इंडिया को दिए, और हम उन्हें एक साल कप्तान के रूप में और नहीं दे पाए!”
ऐसे शब्द फैंस के दिलों में आग लगा गए — और देशभर में मांग उठी, “रोहित-विराट को फिर से साथ देखना है।”
रोहित-विराट का आखिरी मिशन: अधूरे सपने को पूरा करने की जिद
2023 वर्ल्ड कप का फाइनल, जो हर भारतीय के दिल में दर्द छोड़ गया — वो “एक अधूरी रात” जब टीम इंडिया खिताब से बस एक कदम दूर रह गई थी। अब पूरा भारत उम्मीद लगाए बैठा है कि 2027 वर्ल्ड कप वह आखिरी मौका बने, जब रोहित शर्मा और विराट कोहली मिलकर उस खालीपन को भर सकें, जिसने पूरे देश को तोड़ दिया था। दोनों अब भी भारत के सबसे अनुभवी और फिट खिलाड़ियों में शामिल हैं, जिनकी मौजूदगी ड्रेसिंग रूम में सिर्फ अनुभव नहीं बल्कि आत्मविश्वास का प्रतीक है। क्रिकेट सिर्फ युवाओं का खेल नहीं — यह अनुभव और रणनीति का संगम है, और यही चीज़ भारत को 2027 में चाहिए होगी।
हाल ही में विराट कोहली से एक इवेंट में जब पूछा गया कि उनका अगला बड़ा लक्ष्य क्या है, तो उन्होंने मुस्कुराते हुए कहा — “वर्ल्ड कप जीतना।” वहीं, एक पॉडकास्ट में रोहित शर्मा ने साफ कहा — “2023 वर्ल्ड कप मेरा अधूरा सपना है, जिसे मैं पूरा करना चाहता हूँ।” दोनों खिलाड़ी न सिर्फ फिट हैं, बल्कि लगातार अभ्यास में जुटे हुए हैं — यानी उनका जुनून और मिशन दोनों अब भी ज़िंदा हैं।
अगर किस्मत ने साथ दिया, तो 2027 वर्ल्ड कप भारत का “लास्ट डांस” और “लास्ट लेगेसी” मोमेंट बन सकता है — जहां दो दिग्गज मिलकर उस कहानी को पूरा करेंगे, जो 2023 में अधूरी रह गई थी।