केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने रविवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 11 वर्षों का कार्यकाल भारत को नाजुक अर्थव्यवस्था से वैश्विक आर्थिक शक्ति बनाने का अभियान रहा है। उन्होंने इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, कृत्रिम बुद्धिमत्ता, अर्धचालक उत्पादन और रेलवे आधुनिकीकरण में हुई प्रगति का उल्लेख किया।
वैष्णव ने बताया कि भारत का इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन 11 साल में छह गुना बढ़कर 12 लाख करोड़ रुपये और निर्यात आठ गुना बढ़कर तीन लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है। उन्होंने कहा कि आज भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा मोबाइल फोन निर्माता और अमेरिका का सबसे बड़ा स्मार्टफोन आपूर्तिकर्ता बन चुका है। बेंगलुरु आईफ़ोन निर्माण का प्रमुख केंद्र बन रहा है।
उन्होंने बताया कि 34,000 जीपीयू अब शोधकर्ताओं को बेहद किफायती दरों पर उपलब्ध हैं और बेंगलुरु स्थित स्टार्टअप ‘सर्वम’ ने घरेलू, बहुभाषी और पूर्वाग्रह-मुक्त डेटासेट पर प्रशिक्षित भारतीय भाषा मॉडल विकसित किया है। सेमीकंडक्टर उद्योग में छह संयंत्र निर्माणाधीन हैं और पहली ‘मेड इन इंडिया’ चिप जल्द आने वाली है।
रेलवे क्षेत्र में 11 वर्षों में 35,000 किमी पटरियां बिछाई गईं, नेटवर्क का लगभग पूर्ण विद्युतीकरण हो चुका है और 1,300 स्टेशनों का पुनर्विकास हो रहा है। बुलेट ट्रेन परियोजना भी तेज़ी से आगे बढ़ रही है। वंदे भारत, अमृत भारत और नमो भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें यात्रियों की आकांक्षाओं को पूरा कर रही हैं।
कर्नाटक में 2014 से पहले का 835 करोड़ रुपये का वार्षिक रेल बजट अब 7,500 करोड़ रुपये हो गया है और वर्तमान में राज्य में 54,000 करोड़ रुपये की रेल परियोजनाएं चल रही हैं। इनमें 61 स्टेशनों का पुनर्विकास और 124 फ्लाईओवर का निर्माण शामिल है। वैष्णव ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने 2047 तक विकसित भारत के लिए मजबूत नींव रखी है।