अनुराग कश्यप ने बॉलीवुड को टॉक्सिक बताया, Mumbai छोड़ने का लिया फैसला
Mumbai: बॉलीवुड में अपने विवादित बयानों और शानदार फिल्मों के लिए मशहूर निर्देशक अनुराग कश्यप ने हाल ही में बॉलीवुड इंडस्ट्री के प्रति अपनी नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि इंडस्ट्री अब बहुत ज्यादा “टॉक्सिक” हो गई है, और अब वह हमेशा के लिए Mumbai छोड़ने का फैसला ले चुके हैं। अनुराग कश्यप का यह बयान उनके फैंस और इंडस्ट्री में काम करने वालों के लिए एक शॉकिंग खुलासा है, क्योंकि उन्होंने बॉलीवुड में दशकों तक काम किया है और कई सुपरहिट फिल्में दी हैं।
क्यों Mumbai छोड़ने का लिया निर्णय?
अनुराग कश्यप के मन में बॉलीवुड को लेकर नाराजगी कई सालों से पनप रही थी, लेकिन हाल ही में उन्होंने खुलकर इस मुद्दे पर बात की। उन्होंने बताया कि इंडस्ट्री में बदलाव की उम्मीद थी, लेकिन यहां का माहौल अब उनके लिए काफी असहनीय हो गया है। कश्यप ने स्पष्ट किया कि वह अब Mumbai में अपना वक्त नहीं गंवाना चाहते और इसे छोड़कर दूसरे शहर में बसने का निर्णय लिया है।
अनुराग कश्यप की फिल्में ‘ब्लैक फ्राइडे’, ‘गैंग्स ऑफ वासेपुर’, ‘उड़ान’, और ‘तलवार’ जैसी कई चर्चित फिल्में रही हैं, जो न केवल बॉक्स ऑफिस पर सफल रही, बल्कि इन्हें क्रिटिक्स से भी जबरदस्त सराहना मिली। इन फिल्मों में समाज के दबे-छुपे पहलुओं को उजागर किया गया, और कश्यप ने बॉलीवुड के व्यावसायिक पैटर्न से हटकर अपनी विशेष शैली को दर्शाया। इसके बावजूद, वह बॉलीवुड के अंदर छिपे काले पहलुओं से परेशान हो गए हैं।
बॉलीवुड में टॉक्सिक माहौल की बढ़ती दिक्कतें:
अनुराग कश्यप ने बॉलीवुड में व्याप्त नेपोटिज़्म और माफिया सिस्टम के बारे में भी बात की। उनका कहना है कि इंडस्ट्री में अब वह पहले जैसी बात नहीं रही। कंगना रनौत ने पहले ही बॉलीवुड में नेपोटिज़्म का मुद्दा उठाया था और अब कश्यप भी यही बात कर रहे हैं। उनका मानना है कि कई बार फिल्मों को प्रोड्यूस करने और रिलीज करने में बाहरी दबाव होते हैं, जिनसे एक कलाकार और निर्माता को बहुत परेशानी होती है।
कश्यप ने इस बात को स्वीकार किया कि बॉलीवुड में सफलता प्राप्त करने के लिए न केवल टैलेंट की जरूरत होती है, बल्कि एक अच्छी टीम और सही लोगों का साथ भी जरूरी है। इस प्रकार का माहौल कई बार नवोदित कलाकारों और निर्देशकों के लिए बहुत ही कष्टकारी हो सकता है, क्योंकि उन्हें अपनी कड़ी मेहनत के बावजूद उनके काम की सही सराहना नहीं मिलती।
अनुराग कश्यप का बॉलीवुड से नाराजगी का कारण:
Mumbai: कश्यप के बॉलीवुड से नाराज होने की कई वजहें हैं। उनकी फिल्मों के साथ होने वाले संघर्षों को देखना और साथ ही यह महसूस करना कि अच्छे और आलोचना-स्वीकृत काम को कभी भी वह सही सम्मान और मौका नहीं मिलता, उनके फैसले के पीछे एक बड़ा कारण है। वह लंबे समय से फिल्म इंडस्ट्री के भीतर और बाहर होने वाली राजनीति से परेशान थे।
इसके अलावा, कश्यप ने यह भी बताया कि उनके काम को हमेशा से कुछ न कुछ नकारात्मकता से ही देखा गया है। एक समय था जब उनकी फिल्में आलोचना के बाद भी जबरदस्त हिट होती थीं, लेकिन समय के साथ वह भी इन समस्याओं से जूझते रहे। फिल्म इंडस्ट्री के भीतर व्यक्तिगत संबंधों, दबाव और प्रोड्यूसरों के साथ मुठभेड़ों के कारण कई बार कश्यप को निराशा का सामना करना पड़ा।
क्या अनुराग कश्यप का बॉलीवुड छोड़ना एक ट्रेंड बनेगा?
Mumbai: अनुराग कश्यप का बॉलीवुड को छोड़ने का यह निर्णय क्या एक नया ट्रेंड बनेगा? क्या और भी निर्देशक और अभिनेता इसी तरह के दबावों के कारण इंडस्ट्री छोड़ने का सोचेंगे? बॉलीवुड में यह सवाल लगातार उठ रहा है, खासकर तब जब इंडस्ट्री में काम करने वाले कई अन्य कलाकार भी ऐसे माहौल से परेशान दिख रहे हैं।
हालांकि, कश्यप की फिल्मों को लेकर उनका असंतोष इंडस्ट्री के भीतर के सिस्टम से जुड़ा हुआ है। उनका मानना है कि जब तक इस सिस्टम में बदलाव नहीं आएगा, तब तक सही तरीके से फिल्मों का निर्माण और वितरण संभव नहीं हो पाएगा।
Mumbai छोड़ने के बाद क्या करेंगे अनुराग कश्यप?
Mumbai: अनुराग कश्यप ने बॉलीवुड को अलविदा कहने के बाद की अपनी योजनाओं के बारे में भी संकेत दिए हैं। उन्होंने कहा कि वह अब अपने काम को दूसरे शहरों में और नई जगहों पर जाकर करना चाहेंगे। उन्होंने यह भी कहा कि वह फिल्मों के निर्माण में एक नई दिशा पर काम करना चाहते हैं, जहां उनके पास ज्यादा स्वतंत्रता हो और उन्हें अपनी कला को बेहतरीन तरीके से प्रस्तुत करने का मौका मिले। इसके अलावा, वह अब अपने व्यक्तिगत जीवन और मानसिक शांति के बारे में भी सोच रहे हैं।
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