पटना: बिहार की राजनीति में मोकामा एक बार फिर चर्चा के केंद्र में है। जेडीयू नेता और बाहुबली विधायक अनंत सिंह की गिरफ्तारी ने पूरे क्षेत्र में सियासी हलचल तेज कर दी है। यह गिरफ्तारी जन सुराज कार्यकर्ता दुलारचंद यादव की हत्या के मामले में हुई है, जिसने आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक तापमान बढ़ा दिया है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि अनंत सिंह की गिरफ्तारी से एनडीए के समीकरण बिगड़ सकते हैं, जबकि राजद इस मौके को पूरी तरह राजनीतिक बढ़त में बदलने की कोशिश में है। मोकामा जैसे संवेदनशील क्षेत्र में यादव और भूमिहार मतदाताओं का रुख अब निर्णायक माना जा रहा है।
इसी बीच चुनाव आयोग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए स्थानीय प्रशासनिक अधिकारियों पर कार्रवाई की है। आयोग ने यह भी निर्देश दिए हैं कि किसी भी तरह की राजनीतिक हिंसा या अशांति पर सख्त नज़र रखी जाए।
विशेषज्ञों के अनुसार, यह मामला न केवल मोकामा सीट पर बल्कि पूरे बिहार चुनाव 2025 के माहौल पर असर डाल सकता है। मोकामा अब एक बार फिर राज्य की सबसे चर्चित और संवेदनशील विधानसभा सीटों में शुमार हो गया है।