Om Prakash Rajbhar ने बाबा बागेश्वर की यात्रा को ‘राजनीतिक ड्रामा’ करार दिया, उठाए सवाल
21 नवंबर 2024 को मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले से शुरू हुई बाबा बागेश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की ‘सनातन एकता यात्रा’ ने एक बड़े राजनीतिक और धार्मिक मंच का रूप ले लिया। इस यात्रा में शामिल होने के लिए कई प्रमुख फिल्मी सितारे, नेता, और सामाजिक कार्यकर्ता आए, जिनमें भाजपा के नेता, मंत्री और विधायक प्रमुख थे। यात्रा का उद्देश्य सनातन धर्म और समाज के बीच एकता स्थापित करना बताया गया, लेकिन इसमें भाग लेने वाले नेताओं और राजनीतिक शख्सियतों ने इसे एक बड़ा राजनीतिक आयोजन बना दिया। इस यात्रा में उत्तर प्रदेश के कुंडा से विधायक और जनसत्ता दल (लोकतांत्रिक) के प्रमुख रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया भी शामिल हुए।
Om Prakash Rajbhar की तीखी प्रतिक्रिया
हालांकि, इस धार्मिक यात्रा को लेकर उत्तर प्रदेश के मंत्री और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के प्रमुख Om Prakash Rajbhar ने इस यात्रा को लेकर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। Om Prakash Rajbhar ने इस यात्रा को ‘राजनीतिक ड्रामा’ करार देते हुए बाबा बागेश्वर की यात्रा पर सवाल उठाए। उन्होंने एक टीवी चैनल से बातचीत में कहा कि यह यात्रा केवल एक राजनीतिक उद्देश्य को साधने के लिए आयोजित की जा रही है, और इसे धार्मिक नज़रिए से नहीं देखा जाना चाहिए।
Rajbhar ने आरोप लगाया कि बाबा बागेश्वर की यात्रा केवल सत्ता की राजनीति और चुनावी लाभ के लिए आयोजित की जा रही है, न कि किसी धार्मिक उद्देश्य के तहत। उनका कहना था कि धर्म को राजनीति से अलग रखना चाहिए, और ऐसे आयोजनों से यह संदेश जाता है कि धर्म के नाम पर राजनीति की जा रही है।
धर्म और राजनीति का घालमेल
Om Prakash Rajbhar का कहना था कि धार्मिक आयोजनों का उपयोग राजनीतिक लाभ के लिए करना ठीक नहीं है, क्योंकि इससे समाज में गलत संदेश जाता है। उनका कहना था कि समाज को जोड़ने के बजाय, ऐसे कार्यक्रमों से समुदायों के बीच विभाजन हो सकता है। उन्होंने यह भी कहा कि अगर किसी धार्मिक यात्रा का उद्देश्य समाज में एकता और सद्भावना को बढ़ावा देना है, तो उसे राजनीति से अलग रखना चाहिए, लेकिन वर्तमान समय में यह यात्रा स्पष्ट रूप से एक राजनीतिक मंच बन गई है।
यूपी में Om Prakash Rajbhar का राजनीतिक प्रभाव
Om Prakash Rajbhar उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक महत्वपूर्ण नाम हैं, और उनकी पार्टी सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) का राज्य में अच्छा खाता है। वह हमेशा से भाजपा के खिलाफ बयानबाजी करते रहे हैं और अक्सर उत्तर प्रदेश की राजनीति में भाजपा के तरीकों पर सवाल उठाते हैं। उनके इस बयान ने बाबा बागेश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की यात्रा को और विवादित बना दिया है, क्योंकि Om Prakash Rajbhar एक प्रमुख क्षेत्रीय नेता के रूप में जाने जाते हैं और उनका यह बयान राजनीति के गलियारों में हलचल मचा सकता है।
भाजपा और अन्य नेताओं का समर्थन
इस यात्रा में शामिल होने वाले भाजपा के नेताओं ने इस पर सकारात्मक टिप्पणी की और इसे सनातन धर्म के प्रचार और समाज में एकता लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। भाजपा के कई मंत्रियों और विधायकों ने बाबा बागेश्वर के इस आयोजन को एक धार्मिक और सामाजिक पहल के रूप में प्रस्तुत किया और इसके माध्यम से देश भर में एकजुटता और राष्ट्रीयता की भावना को बढ़ावा देने की बात की। भाजपा नेताओं का कहना है कि यह यात्रा एक सकारात्मक संदेश दे रही है और इसमें कोई भी राजनीतिक उद्देश्य नहीं है, बल्कि यह सिर्फ एक धार्मिक और सामाजिक आंदोलन है।
आलोचना और समर्थन के बीच यात्रा का महत्व
बाबा बागेश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री की इस यात्रा को लेकर राजनीतिक समीक्षकों में भी विभिन्न मत हैं। कुछ लोग इसे एक धार्मिक जागरण मानते हैं, जबकि अन्य इसे भाजपा और अन्य राजनीतिक दलों द्वारा धर्म के नाम पर राजनीति करने का प्रयास मानते हैं। इस यात्रा में बड़ी संख्या में लोगों का जुटना यह दर्शाता है कि धार्मिक आयोजनों और नेताओं का समाज में कितना प्रभाव हो सकता है।
बाबा बागेश्वर की प्रतिक्रिया
बाबा बागेश्वर धीरेंद्र शास्त्री ने अपनी यात्रा के दौरान इस प्रकार की राजनीतिक प्रतिक्रिया को नजरअंदाज करते हुए कहा कि उनका उद्देश्य केवल धर्म का प्रचार-प्रसार और समाज में एकता को बढ़ावा देना है। उन्होंने मीडिया के सवालों के जवाब में कहा कि उनकी यात्रा का कोई राजनीतिक उद्देश्य नहीं है और न ही वह किसी पार्टी या नेता के पक्ष में हैं। उनका दावा है कि वह केवल सनातन धर्म को बढ़ावा देने के लिए काम कर रहे हैं, और यह यात्रा समाज को जोड़ने के लिए की जा रही है, न कि किसी चुनावी रणनीति के तहत।
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