मध्यप्रदेश के सतना जिले से सामने आई एक दिल दहला देने वाली घटना, यहां एक बीजेपी पार्षद के पति पर महिला से बलात्कार का गंभीर आरोप लगा है। यह मामला सिर्फ एक जघन्य अपराध का नहीं, बल्कि सिस्टम की लापरवाही और राजनीति–अपराध के कथित गठजोड़ पर भी सवाल खड़े करता है। पीड़िता के अनुसार, आरोपी ने चाकू की नोक पर उसके साथ दुष्कर्म किया और पूरी घटना का वीडियो बनाकर उसे ब्लैकमेल करता रहा। आरोपी लगातार वीडियो वायरल करने और जान से मारने की धमकी देता रहा। मजबूर होकर पीड़िता ने आत्मरक्षा में आरोपी का एक वीडियो खुद बनाया, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है और प्रशासनिक ढिलाई को उजागर कर रहा है। जानकारी के मुताबिक, यह मामला सतना जिले के रामपुर बघेलान थाना क्षेत्र का है। पीड़िता ने बताया कि आरोपी अशोक सिंह, हनुमान गंज वार्ड नंबर-1 से चुनी गई बीजेपी पार्षद का पति है। करीब छह महीने पहले अशोक सिंह कथित तौर पर महिला के घर में घुसा और चाकू की नोक पर उसके साथ दुष्कर्म किया। इसके बाद उसने वीडियो रिकॉर्ड कर उसे वायरल करने की धमकी दी।
आरोपी ने यह भी कहा कि अगर महिला ने किसी से शिकायत की तो वह महिला और उसके परिवार को जान से मार देगा। डर के चलते पीड़िता लंबे समय तक चुप रही, जिससे आरोपी के हौसले और बढ़ गए। बीते छह महीनों में आरोपी लगातार धमकियों के जरिए महिला को संबंध बनाने के लिए मजबूर करता रहा। 20 दिसंबर को आरोपी ने फिर से महिला से संपर्क किया, छेड़छाड़ की और वीडियो वायरल करने की धमकी दी। आखिरकार 22 दिसंबर को पीड़िता ने सतना एसपी कार्यालय पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। हालांकि, पुलिस की ओर से कार्रवाई में करीब पांच दिन की देरी हुई। 26 दिसंबर को आरोपी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें वह पीड़िता को धमकाते हुए कहता नजर आ रहा है, “मेरा क्या होगा? कुछ नहीं होगा। जहां चाहो शिकायत करो, मेरा कुछ नहीं बिगड़ेगा।” वीडियो के बैकग्राउंड में महिला रोते हुए पुलिस में शिकायत करने की बात कहती सुनाई देती है। आखिरकार 27 दिसंबर को पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लिया और उसके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 74, 75(2), 79, 296(1) और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया गया।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपी का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है, जिससे उसके बेखौफ रवैये की वजह समझ में आती है। वीडियो के वायरल होने के बाद मामला और तूल पकड़ गया। अब पुलिस जांच की बात कर रही है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यही है— क्या पीड़िता को इंसाफ मिलेगा?
इस घटना ने एक बार फिर राजनीति और अपराध के रिश्ते पर गंभीर बहस छेड़ दी है।