मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि प्रदेश के हर गांव, ढाणी और व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाकर लोगों का जीवन बेहतर बनाना सरकार का संकल्प है। सरकार प्रदेश को सशक्त और समृद्ध बनाने के लक्ष्य के साथ कार्य कर रही है। दौसा जिले के लालसोट विधानसभा क्षेत्र के डूंगरपुर गांव में आयोजित समारोह में उन्होंने रिमोट का बटन दबाकर ईसरदा-दौसा पेयजल परियोजना का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि महादेव की कृपा से प्रदेश में भरपूर बारिश हुई है और ईसरदा बांध में पर्याप्त जल उपलब्ध है। इस परियोजना के तहत लगभग 350 करोड़ रुपये की लागत से 8 स्वच्छ जलाशय, 5 पंपहाउस, 47 उच्च जलाशय बनाए जाएंगे। साथ ही 280 किमी राइजिंग पाइपलाइन, 200 किमी मुख्य पाइपलाइन और 1360 किमी वीडीएस पाइपलाइन बिछाई जाएगी। वर्ष 2027 तक यह कार्य पूरा कर 302 गांवों की 5.58 लाख आबादी और लालसोट की 69 हजार आबादी को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा। लालसोट विधानसभा में 120 करोड़ रुपये से अधिक के अन्य विकास कार्यों को भी मंजूरी दी गई है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले डेढ़ साल में पानी, बिजली, बुनियादी ढांचे और आर्थिक विकास के लिए कई ठोस निर्णय लिए गए हैं। राम जल सेतु लिंक परियोजना, यमुना जल समझौता और माही बांध योजना जैसे कदम उठाकर पेयजल और सिंचाई की समस्याओं का स्थायी समाधान किया जा रहा है। सरकार ने 8496 करोड़ रुपये खर्च कर 82,964 हेक्टेयर क्षेत्र में अतिरिक्त सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराई है। वर्ष 2027 तक किसानों को दिन में बिजली देने का लक्ष्य भी रखा गया है।
सरकार ने 5 वर्षों में 4 लाख सरकारी नौकरियां सृजित करने का संकल्प लिया है। अब तक 3 लाख से अधिक युवाओं को कौशल प्रशिक्षण देकर रोजगार योग्य बनाया गया है। 6 रोजगार मेलों के माध्यम से 75 हजार से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए गए हैं और 1 लाख से अधिक पदों के लिए भर्ती विज्ञापन जारी किए गए हैं। सभी भर्तियां पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही हैं और अब तक किसी भी परीक्षा का पेपर लीक नहीं हुआ है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि डेढ़ साल में जो विकास कार्य हुए हैं, वे पिछली सरकार के पूरे पांच साल पर भारी हैं। पिछली सरकार ने 5 साल में 29 हजार फार्म पौंड बनाए जबकि वर्तमान सरकार ने डेढ़ साल में ही 32 हजार से अधिक फार्म पौंड बनवाए हैं। बिजली उत्पादन क्षमता में 4800 मेगावाट की बढ़ोतरी हुई है, जबकि पिछली सरकार के पांच साल में यह बढ़ोतरी 3900 मेगावाट रही थी। वर्तमान सरकार ने 1421 गांवों को सड़कों से जोड़ा है, जबकि पिछली सरकार ने केवल 1100 गांवों को ही जोड़ा था। डेढ़ साल में 89 हजार विद्यार्थियों को टैबलेट दिए गए हैं, जबकि पिछली सरकार ने पूरे कार्यकाल में केवल 986 टैबलेट वितरित किए। स्वामित्व कार्ड वितरण में भी वर्तमान सरकार ने 9.75 लाख कार्ड वितरित किए हैं, जबकि पिछली सरकार ने केवल 1.75 लाख कार्ड ही दिए थे।
वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। पिछले वर्ष 7 करोड़ पौधे लगाए गए और इस वर्ष 10 करोड़ पौधरोपण का लक्ष्य रखा गया है। मुख्यमंत्री ने 5 साल में 50 करोड़ पौधे लगाने के लिए प्रदेशवासियों से अधिक से अधिक पौधे लगाने का आह्वान किया।
लालसोट विधानसभा के लिए 116 करोड़ रुपये का बजट प्रावधान किया गया है। एसएच-24 से एनएच-11एई वाया नांगल मोड, देवली रोड-लालसोट बाईपास के नवीनीकरण और चौड़ाईकरण के लिए कार्यादेश जारी किए जा चुके हैं। एनएच 148 डूंगरपुर मोड से डोब वाया हरिपुरा और लालसोट से खटवा तक सड़क नवीनीकरण और चौड़ाईकरण का कार्य किया जा रहा है। लालसोट नगर पालिका को नगर परिषद में क्रमोन्नत किया गया है। श्यामपुरा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में और कन्या महाविद्यालय, लालसोट को पीजी कॉलेज में क्रमोन्नत किया गया है।
कृषि एवं ग्रामीण विकास मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने कहा कि डबल इंजन सरकार किसानों का जीवन स्तर बेहतर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उच्च गुणवत्ता वाले खाद-बीज और कीटनाशक उपलब्ध कराए जा रहे हैं। अतिवृष्टि प्रभावित लोगों को नियमानुसार मुआवजा दिया जाएगा। उन्होंने दौसा क्षेत्र में ईसरदा बांध का पानी उपलब्ध कराने के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।
जलदाय मंत्री कन्हैयालाल ने कहा कि पिछली सरकार के कार्यकाल में जल जीवन मिशन में व्यापक भ्रष्टाचार हुआ, जिससे कार्य समय पर पूरे नहीं हो सके। अब वर्तमान सरकार द्वारा जल जीवन मिशन के अंतर्गत गुणवत्तापूर्ण कार्य तेजी से पूरे किए जा रहे हैं।
समारोह में भजनलाल शर्मा ने सिंदूर का पौधा लगाया। कार्यक्रम में गृह राज्यमंत्री जवाहर सिंह बेढ़म, विधायक रामबिलास मीणा, भागचंद टांकड़ा, राजेन्द्र मीणा, महेंद्रपाल मीणा, रामावतार बैरवा, रामसहाय वर्मा सहित अनेक जनप्रतिनिधि, अधिकारी और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।