राजस्थान में दुर्लभ खनिजों की खोज को मिली रफ्तार

By admin
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केन्द्रीय कोयला एवं खान मंत्री जी. किशन रेड्डी ने राजस्थान को बहुमूल्य और दुर्लभ खनिजों का समृद्ध भंडार बताते हुए कहा कि ग्रीन एनर्जी सेक्टर को गति देने के लिए इन खनिजों का सुनियोजित खनन जरूरी है, और इसमें राज्य की भूमिका बेहद अहम है।

सोमवार को भारतीय खान ब्यूरो द्वारा आयोजित 7-स्टार और 5-स्टार रेटिंग प्राप्त खदानों के सम्मान समारोह में बोलते हुए उन्होंने कहा कि भारत का खनन उद्योग एक परिवर्तनकारी दौर में है। इस मौके पर मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के साथ मिलकर उन्होंने वर्ष 2023-24 की सर्वश्रेष्ठ खदानों को सम्मानित किया — जिसमें 3 खदानों को 7 स्टार और 95 खदानों को 5 स्टार रेटिंग प्राप्त हुई।

रेड्डी ने कहा कि भारत में खनन क्षेत्र न सिर्फ जीडीपी, रोजगार और औद्योगिक उत्पादन में योगदान देता है, बल्कि आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को भी साकार करता है। उन्होंने स्थायित्व और तकनीकी उन्नति को प्रोत्साहित करने वाले सुधारों की सराहना की और कहा कि 7-स्टार रेटिंग से खनन उद्योग में प्रतिस्पर्धा और गुणवत्ता दोनों को बढ़ावा मिलेगा।

उन्होंने राजस्थान की सफलता की सराहना करते हुए कहा कि पारदर्शिता और निवेश आकर्षण में राज्य ने बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं, जिस कारण देशभर में हुई खनिज ब्लॉक नीलामी में उसे प्रथम पुरस्कार भी मिला।

इस अवसर पर अतिरिक्त सचिव संजय लोहिया ने कहा कि देश की विकासात्मक जरूरतों को देखते हुए खनन क्षेत्र में तेजी से संभावनाएं उभर रही हैं, और स्टार रेटिंग प्रणाली ने पारदर्शिता व गुणवत्ता को नई ऊँचाइयाँ दी हैं।

सम्मानित खदानों में कर्नाटक की कम्माथारू लौह अयस्क खदान, झारखंड की नोआमुंडी आयरन खदान और महाराष्ट्र की नाओकारी चूना पत्थर खदान शामिल हैं। वहीं, 5-स्टार श्रेणी में ओडिशा और गुजरात की खदानों सहित कुल 95 खदानें पुरस्कृत की गईं।

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