राजस्थान की उपमुख्यमंत्री दिया कुमारी ने कहा कि जनकल्याण से जुड़ी सभी योजनाओं को ज़मीनी स्तर पर लागू करना राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे अपनी जिम्मेदारियों को पूरी निष्ठा से निभाएं और कार्यों में पारदर्शिता व गुणवत्ता सुनिश्चित करें। मेड़ता सिटी में नागौर जिले के सार्वजनिक निर्माण विभाग, पर्यटन विभाग और महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा बैठक में उन्होंने यह बात कही।
उन्होंने कहा कि वे स्वयं प्रत्येक विभागीय कार्य की निगरानी और फॉलोअप करेंगी ताकि आमजन को योजनाओं का पूरा लाभ मिल सके। बैठक में सभी विभागीय योजनाओं की प्रगति, बजट उपयोग, लंबित कार्यों और जनहित से जुड़ी परियोजनाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सभी कार्य तय समय-सीमा में गुणवत्ता के साथ पूरे किए जाएं।
सार्वजनिक निर्माण विभाग की समीक्षा में उन्होंने सड़क निर्माण, मरम्मत और भवन निर्माण परियोजनाओं की स्थिति की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि क्षेत्रीय सड़कों की गुणवत्ता और कनेक्टिविटी नागरिक सुविधाओं के लिए बेहद जरूरी है। अधूरे प्रोजेक्ट्स की रिपोर्ट उन्हें व्यक्तिगत रूप से भेजने के निर्देश दिए गए।
पर्यटन विभाग को निर्देशित करते हुए उन्होंने कहा कि मेड़ता और खरनाल जैसे धार्मिक व सांस्कृतिक स्थलों पर पर्यटकों के लिए आधारभूत सुविधाएं विकसित की जाएं। मीराबाई और तेजाजी से जुड़े स्थलों को धार्मिक पर्यटन सर्किट में शामिल कर उनका विकास किया जाए ताकि स्थानीय रोजगार को बढ़ावा मिले।
महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा में उन्होंने आंगनबाड़ी केंद्रों की कार्यप्रणाली, पोषण ट्रैकिंग, महिला सुरक्षा और बालिकाओं की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने को कहा। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि महिला और बालिका सशक्तिकरण की योजनाएं प्रभावी रूप से लागू हों और लाभार्थियों तक समय पर पहुंच सुनिश्चित हो।