बीकानेर में नकली खाद फैक्ट्रियों पर कार्रवाई के दौरान पायलट पर बोला हमला, कहा – “AC में बैठकर बयानबाजी करने से नहीं चलेगा”
जयपुर/बीकानेर
राजस्थान की राजनीति में बयानबाज़ी का पारा फिर चढ़ चुका है। इस बार भाजपा के फायरब्रांड नेता और कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने कांग्रेस नेता सचिन पायलट पर तीखा हमला बोला है। बीकानेर में खाद-बीज से जुड़ी फैक्ट्रियों पर छापेमारी के बाद मीडिया से बातचीत में किरोड़ी ने न सिर्फ भ्रष्ट सिस्टम के खिलाफ एक्शन लिया, बल्कि सचिन पायलट को भी जमकर घेरा।
किरोड़ी का गुस्सा क्यों फूटा?
दरअसल, हाल ही में सचिन पायलट ने कृषि मंत्री की कार्रवाई पर तंज कसते हुए कहा था “राज्य सरकार का मंत्री खुद छापे मार रहा है। वे किसे एक्सपोज कर रहे हैं? बजरी चोरों को या अपने साथ काम करने वालों को?” इसी बयान के जवाब में किरोड़ी मीणा ने पायलट पर पलटवार करते हुए कहा: “सचिन पायलट को शर्म आनी चाहिए। वो किसान का बेटा बनते हैं और हमसे पूछते हैं कि किसे एक्सपोज कर रहे हैं? जब हम गड़बड़ी की जांच कर रहे हैं, तो इन्हें दर्द क्यों हो रहा है?”
“AC में बैठकर बयान देना आसान है…”
कृषि मंत्री यहीं नहीं रुके। उन्होंने पायलट को सड़क पर उतरने की चुनौती देते हुए कहा “पायलट एसी कमरों में बैठकर ट्वीट करते हैं, लेकिन कभी किसानों के लिए सड़क पर उतरकर आंदोलन क्यों नहीं करते? हम तो खेत-खलिहानों में जाकर नकली खाद की फैक्ट्रियों पर कार्रवाई कर रहे हैं।”
छापेमारी में क्या मिला?
बीकानेर के गोदारा एग्रो नाम की फैक्ट्री में किरोड़ी मीणा खुद टीम के साथ पहुंचे। आरोप है कि वहां घटिया और नकली खाद तैयार की जा रही थी। मंत्री ने मौके पर कहा “11 अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है। अगर कोई और अफसर गड़बड़ी करेगा तो सीधे नौकरी से निकाला जाएगा।” उन्होंने कहा कि किसानों के नाम पर चल रही मिलावटखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त FIR दर्ज होगी।
बीजेपी की रणनीति या व्यक्तिगत नाराजगी?
राजनीतिक विश्लेषकों की मानें तो किरोड़ी मीणा का ये बयान महज प्रतिक्रिया नहीं बल्कि एक रणनीति का हिस्सा हो सकता है।
RLP प्रमुख हनुमान बेनीवाल भी हाल ही में पायलट को लेकर आक्रामक बयान दे चुके हैं। ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि क्या बीजेपी और सहयोगी दलों की नजर पायलट के बढ़ते जनाधार पर है?
कांग्रेस में भी हलचल?
सचिन पायलट हाल के महीनों में एक बार फिर सक्रिय हो चुके हैं। वे गहलोत सरकार की नीतियों की आलोचना करते आए हैं और खुद को ‘जनता का नेता’ प्रोजेक्ट कर रहे हैं। ऐसे में उन पर विपक्षी हमले कांग्रेस के भीतर भी खलबली मचा सकते हैं। राजस्थान की राजनीति में सचिन पायलट और किरोड़ी मीणा की जुबानी जंग अब तेज़ होती जा रही है कृषि और किसान जैसे संवेदनशील मुद्दों पर यह टकराव न सिर्फ दो नेताओं की लड़ाई है, बल्कि आने वाले विधानसभा चुनावों की रणनीति भी तय कर सकता है।अब देखना यह है कि सचिन पायलट इस हमले का क्या जवाब देते हैं और कांग्रेस इस पूरी सियासी हलचल से कैसे निपटती है।
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