Sunil Gavaskar ने भारतीय टीम के प्रदर्शन पर उठाए सवाल, पंत और सीनियर खिलाड़ियों की आलोचना
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच चौथे टेस्ट मैच में भारतीय टीम की हार ने एक बार फिर क्रिकेट जगत में हलचल मचा दी। इस निराशाजनक प्रदर्शन को लेकर भारतीय टीम के पूर्व महान बल्लेबाज और वर्तमान क्रिकेट कमेंटेटर Sunil Gavaskar ने सीनियर खिलाड़ियों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने विशेष रूप से रोहित शर्मा, विराट कोहली और ऋषभ पंत को आलोचनाओं का शिकार बनाया। गावस्कर का मानना है कि भारतीय बल्लेबाजों ने ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ खराब प्रदर्शन किया और टीम की हार के जिम्मेदार हैं।
Sunil Gavaskar की आलोचना: सीनियर खिलाड़ियों की विफलता
Sunil Gavaskar ने भारतीय टीम के निराशाजनक प्रदर्शन पर खुलकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि जब भारत को 340 रनों का लक्ष्य था, तो भारतीय बल्लेबाजों को इस चुनौती का सामना करने में सक्षम होना चाहिए था। हालांकि, टीम के अधिकतर बल्लेबाज इस चुनौती में विफल रहे। यशस्वी जायसवाल (84) को छोड़कर कोई भी भारतीय बल्लेबाज प्रभावी योगदान देने में सफल नहीं रहा, जिससे भारत को 184 रनों से हार का सामना करना पड़ा।
Sunil Gavaskar ने सीनियर बल्लेबाजों के प्रदर्शन पर सवाल उठाते हुए कहा, “यदि हम इस मैच में भारत के बड़े बल्लेबाजों के प्रदर्शन को देखें, तो वह कहीं से भी जिम्मेदार नहीं थे। यदि आप सीनियर खिलाड़ियों से उम्मीद करते हैं कि वे ऐसी परिस्थितियों में जिम्मेदारी उठाएंगे, तो उनका प्रदर्शन निराशाजनक रहा।”
ऋषभ पंत की शॉट सिलेक्शन पर निशाना
Sunil Gavaskar ने ऋषभ पंत की बल्लेबाजी पर भी तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने पंत के शॉट सिलेक्शन को लेकर निराशा व्यक्त की और कहा कि पंत का यह शॉट खेलना उनकी लापरवाही और अपरिपक्वता को दर्शाता है।
जब भारत का स्कोर तीन विकेट पर 33 रन था, तब पंत ने यशस्वी जायसवाल के साथ साझेदारी करते हुए स्थिति को संभाला। दोनों बल्लेबाजों ने लंच के बाद शानदार बल्लेबाजी की और भारत का स्कोर 121 तक पहुंचाया। हालांकि, पंत ने एक हवा में शॉट खेला और अपना विकेट गंवा दिया। गावस्कर ने इसे एक गलत शॉट चयन करार देते हुए कहा कि पंत का यह शॉट खेलना टीम के लिए नुकसानदायक साबित हुआ।
सिक्सर और ड्रग का उदाहरण
Sunil Gavaskar ने पंत के शॉट को लेकर एक दिलचस्प तुलना दी। उन्होंने कहा, “क्रिकेट में सिक्सर का जो जादू है, वह एक तरह के ड्रग की तरह होता है। जैसे ही आप एक सिक्स मारते हैं, वह एहसास अद्भुत होता है, और आपको लगता है कि यह सही तरीका है।”
Sunil Gavaskar ने इसे एक “ड्रग” की तरह समझाया, जो खिलाड़ियों को एक गलत आदत में डाल देता है। उन्होंने यह भी कहा, “यह एक मानसिक स्थिति बन जाती है, जहां बल्लेबाज सिक्स मारने की कोशिश करता है, लेकिन उसे यह समझ नहीं आता कि यह शॉट हमेशा सही नहीं होता। पंत का शॉट इसी मानसिकता का उदाहरण था, और इसने टीम की मुश्किलें बढ़ा दीं।”
यशस्वी जायसवाल की सराहना
जहां एक ओर Sunil Gavaskar ने भारतीय बल्लेबाजों की आलोचना की, वहीं उन्होंने यशस्वी जायसवाल की पारी की सराहना की। जायसवाल ने 84 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली, और इस पारी के दौरान वह भारतीय टीम के एकमात्र बल्लेबाज रहे, जिन्होंने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों के सामने मजबूती से बल्लेबाजी की। गावस्कर ने कहा, “जायसवाल ने शानदार बल्लेबाजी की। उनका धैर्य और संघर्ष टीम के लिए एक सकारात्मक संकेत था। उनका प्रदर्शन इस टेस्ट मैच में एकमात्र रोशनी की किरण था।”
भारतीय बल्लेबाजों की मानसिकता पर सवाल
Sunil Gavaskar का कहना था कि भारतीय बल्लेबाजों की मानसिकता में एक समस्या है। वह मानते हैं कि सिक्सर की तलाश में बल्लेबाज सही तरीके से बल्लेबाजी करने का महत्व भूल जाते हैं। यह मानसिकता भारतीय टीम को महत्वपूर्ण मैचों में कमजोर बना देती है। उन्होंने सुझाव दिया कि भारतीय बल्लेबाजों को इस मानसिकता से बाहर निकलकर मैच को जीतने के लिए संयम और स्थिरता से बल्लेबाजी करनी चाहिए।
टेस्ट क्रिकेट में भारतीय टीम की स्थिति
Sunil Gavaskar ने यह भी कहा कि भारतीय क्रिकेट टीम को टेस्ट क्रिकेट में अपनी स्थिति को मजबूत करने के लिए मानसिक तौर पर सशक्त होना होगा। उन्होंने कहा, “ऑस्ट्रेलिया जैसी टीम के खिलाफ टेस्ट मैच खेलते वक्त भारतीय बल्लेबाजों को संयम के साथ खेलना चाहिए और छोटे-छोटे साझेदारियों पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। यह तरीका भारतीय टीम को जीत दिला सकता है।”
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