BJP नेता लालकृष्ण Advani की तबीयत बिगड़ी, अपोलो अस्पताल में भर्ती

By Editor
6 Min Read
Advani

BJP नेता लालकृष्ण Advani की तबीयत बिगड़ी, अपोलो अस्पताल में भर्ती

भारतीय जनता पार्टी (BJP) के वरिष्ठ नेता और पार्टी के महत्वपूर्ण स्तंभ, लालकृष्ण Advani (97) की तबीयत एक बार फिर बिगड़ गई है। उन्हें देर रात दिल्ली के अपोलो अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनकी स्वास्थ्य स्थिति का इलाज जारी है। आडवाणी की तबीयत पिछले कुछ समय से खराब चल रही है, और यह उनका चौथा या पांचवां बार है जब उन्हें अस्पताल में भर्ती किया गया है।

Advani की स्वास्थ्य समस्याएं और अस्पताल में भर्ती
लालकृष्ण Advani, जिनकी उम्र 97 वर्ष है, पिछले कुछ महीनों से स्वास्थ्य संबंधी परेशानियों का सामना कर रहे हैं। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, आडवाणी को बीते चार से पांच महीनों में कई बार अस्पताल में भर्ती किया गया है। सबसे पहले उन्हें अगस्त महीने में अस्पताल में भर्ती कराया गया था और अब उन्हें एक बार फिर इलाज के लिए अपोलो अस्पताल में भर्ती किया गया है।

स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के चलते आडवाणी के परिवार और बीजेपी के कार्यकर्ता चिंता में हैं। हालांकि, अभी तक उनकी हालत के बारे में कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन डॉक्टरों की एक टीम उनकी देखभाल कर रही है। आडवाणी की लगातार अस्पताल में भर्ती होने की वजह से उनकी शारीरिक स्थिति पर सवाल उठ रहे हैं, लेकिन पार्टी के सूत्रों का कहना है कि आडवाणी की हालत स्थिर है और वे डॉक्टरों की देखरेख में हैं।

भारत रत्न सम्मान और स्वास्थ्य समस्याएं
लालकृष्ण Advani को इस साल भारत रत्न, भारत का सर्वोच्च नागरिक सम्मान दिया गया था। हालांकि, उनकी स्वास्थ्य समस्याओं के कारण वह राष्ट्रपति भवन में आयोजित सम्मान समारोह में शिरकत नहीं कर पाए थे। इसके बजाय, उन्हें भारत रत्न उनके घर पर ही प्रदान किया गया था। राष्ट्रपति भवन में होने वाले इस महत्वपूर्ण आयोजन में शामिल न हो पाने के बावजूद, उनका स्वास्थ्य और उनके योगदान को सम्मानित करने का यह कदम उनके सम्मान और स्थिति को और बढ़ाता है।

भारत रत्न मिलने के बाद आडवाणी ने एक भावुक संदेश में इस सम्मान को देश की जनता और उनकी पार्टी के साथियों के प्रति अपनी आभार व्यक्त किया। उन्होंने यह भी कहा था कि यह सम्मान उनकी राजनीतिक यात्रा का एक सम्मानजनक मोड़ है। हालांकि, उनकी तबीयत को लेकर निरंतर चिंता बनी हुई है, और पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उनकी स्वास्थ्य स्थिति को लेकर चिंतित हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का Advani से मुलाकात
लालकृष्ण Advani की तबीयत के बावजूद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में उनके जन्मदिन के मौके पर उन्हें शुभकामनाएं दी थीं। नवंबर महीने में, पीएम मोदी आडवाणी के निवास पर पहुंचे और उन्हें गुलदस्ता भेंट करते हुए जन्मदिन की बधाई दी। इस मुलाकात की तस्वीर पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ (पूर्व में ट्विटर) पर साझा की थी, जिसमें आडवाणी जी को बधाई देते हुए पीएम मोदी को देखा जा सकता था।

प्रधानमंत्री ने इस अवसर पर लिखा था, “आडवाणी जी के निवास पर जाकर उन्हें जन्मदिन की शुभकामनाएं दी।” यह पल बीजेपी में एक भावनात्मक था, क्योंकि आडवाणी पार्टी के संस्थापक और मार्गदर्शक रहे हैं। प्रधानमंत्री मोदी और आडवाणी के बीच का यह व्यक्तिगत संबंध पार्टी के भीतर भी काफी महत्वपूर्ण माना जाता है। आडवाणी ने प्रधानमंत्री मोदी के कार्यों की हमेशा सराहना की है और मोदी सरकार के कई महत्वपूर्ण निर्णयों का समर्थन किया है।

Advani के योगदान और बीजेपी में भूमिका
लालकृष्ण Advani भारतीय राजनीति में एक महत्वपूर्ण नाम हैं। उन्होंने 1980 में भारतीय जनता पार्टी को कांग्रेस के सामने एक मजबूत विपक्षी दल के रूप में खड़ा किया। आडवाणी का कद न केवल बीजेपी बल्कि भारतीय राजनीति में भी विशाल है। उनके नेतृत्व में बीजेपी ने कई महत्वपूर्ण राजनीतिक सफलताएं हासिल कीं, जिनमें राम मंदिर आंदोलन और पार्टी की राष्ट्रीय राजनीति में वृद्धि शामिल है।

Advani के प्रयासों से बीजेपी राष्ट्रीय स्तर पर उभरने में सफल रही, और उनके योगदान को कभी नहीं भुलाया जा सकता। बीजेपी में आडवाणी का स्थान हमेशा एक मार्गदर्शक की तरह रहा है। उनके राजनीतिक दृष्टिकोण और पार्टी के प्रति उनकी निष्ठा ने पार्टी को एक सशक्त विपक्षी दल बनाने में मदद की।

Advani और बीजेपी की भविष्यवाणी
लालकृष्ण Advani की तबीयत को लेकर हाल ही में हुई घटनाओं ने पार्टी में एक भावुक माहौल पैदा कर दिया है। बीजेपी में उनकी उपस्थिति और मार्गदर्शन से पार्टी को हमेशा शक्ति मिली है। उनके स्वास्थ्य को लेकर चिंता जताई जा रही है, लेकिन पार्टी के वरिष्ठ नेता और कार्यकर्ता उनके अच्छे स्वास्थ्य की कामना कर रहे हैं। पार्टी के भीतर आडवाणी का प्रभाव अब भी स्पष्ट रूप से महसूस किया जा सकता है।

उनकी हालिया स्थिति, खासकर उनकी लगातार अस्पताल में भर्ती होने के बाद, पार्टी के भीतर एक नया नेतृत्व और भावनात्मक समर्थन का आह्वान करती है। उनकी विरासत और योगदान बीजेपी और भारतीय राजनीति में हमेशा अहम रहेगा, चाहे वे अब सार्वजनिक जीवन से धीरे-धीरे दूर होते जा रहे हों।

जयपुर Metro का विस्तार: चाकसू, चौमूं और जगतपुरा तक जाने की योजना

Share This Article
1 Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *