पुष्कर: ब्लॉक कांग्रेस कमेटी, नगर कांग्रेस कमेटी और अग्रिम संगठनों के संयुक्त नेतृत्व में पुष्कर में उपखंड अधिकारी को ज्ञापन सौंपा गया। इसमें मांग की गई कि पुष्कर नगर परिषद क्षेत्र की सात डी-नोटिफाइड कच्ची बस्तियों में रहने वाले सैकड़ों गरीब परिवारों को शीघ्र भू स्वामित्व के पट्टे जारी किए जाएं।
ज्ञापन में बताया गया कि ये परिवार पिछले 30 से 40 वर्षों से राजकीय भूमि पर निवास कर रहे हैं। राज्य सरकार के निर्देश पर नगर पालिका द्वारा बस्तियों का सर्वेक्षण कर उन्हें गजट नोटिफिकेशन के माध्यम से डी-नोटिफाइड किया गया था। इसके बाद कब्जे के आधार पर भूखंड आवंटन प्रक्रिया के तहत आवेदन एकत्र किए गए।
नगर पालिका ने अंबेडकर कॉलोनी और संतोषी माता ढाणी में 100 से अधिक प्रकरणों को चयनित कर भू स्वामित्व पट्टे तैयार किए और स्वायत्त शासन विभाग को अनुमोदन के लिए भेजा। लेकिन दिसंबर 2024 में विभाग की विधि शाखा द्वारा ले-आउट की कमी पाए जाने के बाद नगर परिषद से नया ले-आउट मांगा गया था। नौ माह बीतने के बावजूद नगर परिषद की ओर से कोई कार्रवाई नहीं की गई।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि नगर परिषद की इस लापरवाही के कारण राज्य स्तर पर नियमन की स्वीकृति लंबित है और हजारों गरीब परिवारों को उनके भूमि अधिकारों से वंचित किया जा रहा है। जबकि सभी आवेदकों ने नियमानुसार प्रक्रिया पूर्ण कर ली थी। कांग्रेस प्रतिनिधियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे बड़े स्तर पर आंदोलन करने को मजबूर होंगे।