पादूकलां को आपदा सूची से बाहर रखने पर किसानों में जबरदस्त आक्रोश, 2000 हैक्टेयर में फसल नष्ट होने का दावा

By admin
2 Min Read

रियांबड़ी: उपखंड क्षेत्र और पादूकलां के किसानों में उस समय भारी रोष फैल गया जब आपदा प्रभावित क्षेत्रों की सूची में पादूकलां का नाम शामिल नहीं किया गया। किसानों का कहना है कि क्षेत्र में भारी नुकसान, खेतों में पानी भराव और मूंग की फसल पूरी तरह नष्ट होने के बावजूद प्रशासन ने पादूकलां को आपदा श्रेणी में नहीं रखा, जो उनके अनुसार “स्पष्ट अन्याय” है।

स्थानीय राजस्व अभिलेखों और किसानों की शिकायतों के अनुसार, पादूकलां क्षेत्र में करीब 2000 हैक्टेयर भूमि पर मूंग की फसल लगभग पूरी तरह बर्बाद हो गई थी। प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के टोल-फ्री नंबर पर भी किसानों ने अनेक शिकायतें दर्ज करवाईं, लेकिन रियांबड़ी उपखंड में केवल 4 गांवों को ही आपदा घोषित किया गया, जिससे बाकी प्रभावित गांवों में नाराजगी बढ़ गई।

मेवड़ा घोषित, पादूकलां बाहर—केवल 1 किलोमीटर की दूरी पर अलग फैसले
किसानों का सबसे बड़ा सवाल मेवड़ा और पादूकलां के बीच महज 1 किलोमीटर की दूरी होने के बावजूद दोनों गांवों के लिए अलग-अलग परिणाम क्यों आए। मेवड़ा, जो डेगाना विधानसभा क्षेत्र का हिस्सा है, को आपदा श्रेणी में शामिल कर दिया गया, जबकि पादूकलां को सूची से बाहर रखा गया। ग्रामीणों का कहना है कि दोनों गांवों में समान बारिश, समान पानी भराव और समान फसल नुकसान हुआ था।

किसानों का आरोप है कि डेगाना विधानसभा क्षेत्र लगभग पूर्ण रूप से आपदा प्रभावित घोषित किया गया है, जबकि उससे सटे पादूकलां को अनदेखा कर दिया गया। उनका कहना है कि प्रशासन ने सही ढंग से सर्वे नहीं किया और प्रभावित क्षेत्र की वास्तविक स्थिति को नजरअंदाज किया गया। किसानों ने राजस्व कर्मचारियों और अधिकारियों पर समय पर और सटीक सर्वेक्षण नहीं करने के गंभीर आरोप लगाए हैं।

Share This Article
Leave a Comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *