भारतीय राजनीति के दूरदर्शी चिंतक और एकात्म राष्ट्रवाद के प्रणेता डॉ. श्यामाप्रसाद मुखर्जी की जयंती पर रविवार को जल संसाधन मंत्री और पुष्कर विधायक सुरेश सिंह रावत ने पुष्कर स्थित गंगेश्वर महादेव मंदिर परिसर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लेकर श्रद्धांजलि अर्पित की।
गंगेश्वर महादेव मंदिर में पुष्पांजलि के बाद डॉ. मुखर्जी के विचारों पर चर्चा हुई और राष्ट्रहित में उनके योगदान को याद किया गया। रावत ने कहा कि डॉ. मुखर्जी केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि भारत की आत्मा के रक्षक थे। उन्होंने “एक देश, एक विधान, एक निशान” के सिद्धांत को साकार करने के लिए अपने प्राणों की आहुति दी।
उन्होंने उपस्थित कार्यकर्ताओं और युवाओं से आह्वान किया कि वे डॉ. मुखर्जी के सिद्धांतों को आत्मसात करें और राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं। उन्होंने कहा कि आज जब देश आत्मनिर्भरता और सांस्कृतिक गौरव की दिशा में आगे बढ़ रहा है, तब डॉ. मुखर्जी के विचार और संघर्ष और भी अधिक प्रासंगिक हो गए हैं।
कार्यक्रम का समापन वंदे मातरम् और भारत माता की जय के नारों के साथ हुआ।