बहराइच हिंसा: STF की 5 टीमें तैनात, दंगा नियंत्रण वाहन बुलाया गया
यूपी के बहराइच में हुई हिंसा के बाद इलाके में भारी संख्या में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। दो एसपी और दो एसएसपी रैंक के अधिकारी फील्ड में तैनात किए गए हैं। दो एएसपी और चार डिप्टी एसपी के साथ RAF (रैपिड एक्शन फोर्स) और PAC को भी इलाके में भेजा गया है। जिले में 10 कंपनी PAC और 2 कंपनी CAPF (केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल) की तैनाती की गई है।
इसके साथ ही, यूपी STF की 5 टीमें भी बहराइच में तैनात की गई हैं, जिनमें STF के दो सीओ और तीन एडिशनल एसपी शामिल हैं। मौके पर दंगा नियंत्रण वाहन भी बुला लिया गया है। हालात को नियंत्रित करने के लिए ADG लॉ एंड ऑर्डर और STF चीफ अमिताभ यश खुद घटनास्थल पर पहुंचे हैं। एडीजी गोरखपुर जोन पहले से ही वहां मौजूद हैं।
विभिन्न थानों की पुलिस फोर्स को बहराइच के महसी इलाके में तैनात किया गया है। आस-पास के जिलों से भी अतिरिक्त बल बुलाया जा रहा है। हिंसा के बाद इलाके को छावनी में बदल दिया गया है। कल शाम से जारी हिंसा के बाद अब दोपहर से स्थिति धीरे-धीरे काबू में आ रही है। इस दौरान कई घरों, दुकानों और गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया गया और भारी उपद्रव देखा गया।

दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान हुई हिंसा के मद्देनज़र जिले में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। हरदी थाना प्रभारी और महसी चौकी प्रभारी को निलंबित कर दिया गया है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर गृह सचिव संजीव गुप्ता और एडीजी कानून व्यवस्था मौके पर पहुंचे हुए हैं। अब तक 30 उपद्रवियों को हिरासत में लिया गया है और FIR भी दर्ज की गई है।
स्थिति नियंत्रण में
बहराइच की एसपी वृंदा शुक्ला ने कहा कि स्थिति अब नियंत्रण में है और उपद्रवियों को तितर-बितर करने की कोशिश की जा रही है। डीएम मोनिका रानी ने भी बताया कि स्थिति को जल्द सामान्य करने का प्रयास किया जा रहा है।
स्थानीय बीजेपी विधायक और पुलिस प्रशासन के समझाने पर हिंसा में मारे गए युवक राम गोपाल मिश्र के परिवार ने अंततः अंतिम संस्कार के लिए सहमति दे दी है। इस मामले में पुलिस ने अब्दुल हमीद, सरफराज, फहीम, साहिर खान, ननकऊ और मारफ अली समेत 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है, साथ ही 4 अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ भी मामला दर्ज किया गया है।

घटना का विवरण
बीती शाम बहराइच के महसी तहसील में अब्दुल हमीद के घर के सामने से दुर्गा प्रतिमा विसर्जन यात्रा गुजर रही थी, तभी एक समुदाय विशेष द्वारा पत्थरबाजी शुरू कर दी गई। विरोध करने पर फायरिंग कर दी गई, जिसमें राम गोपाल मिश्र को गोली लगी। राम गोपाल को मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस घटना में 15 से अधिक लोग घायल हुए।
राम गोपाल की मौत के बाद हिंसा और अधिक भड़क गई, जिसमें कई गाड़ियों और घरों को आग के हवाले कर दिया गया। पुलिस ने स्थिति पर काबू पाने के लिए बल प्रयोग किया।

मृतक राम गोपाल का विवरण
22 वर्षीय राम गोपाल मिश्रा की छह महीने पहले ही शादी हुई थी। उनकी मौत के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। पुलिस ने रात में ही उनका पोस्टमार्टम कर दिया था, लेकिन सुबह परिवार ने अंतिम संस्कार से इनकार कर दिया और तहसील में धरना शुरू कर दिया। दोपहर बाद अधिकारियों के समझाने पर परिवार ने अंततः अंतिम संस्कार के लिए सहमति जताई।
विवाद की जड़
घटना के अनुसार, विसर्जन यात्रा जब अब्दुल हमीद के घर के पास से गुजर रही थी, तब डीजे बजाने और नारेबाजी को लेकर विवाद शुरू हुआ। जल्द ही दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और पत्थरबाजी होने लगी। इस बीच हुई गोलीबारी में राम गोपाल गंभीर रूप से घायल हो गए और बाद में उनकी मृत्यु हो गई।