मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जैसलमेर के पोकरण में नेत्र कुंभ 2025 का शुभारंभ किया। उन्होंने कहा कि बाबा रामदेव ने समाज में समरसता स्थापित करने और गरीब-वंचित लोगों की पीड़ा दूर करने का कार्य किया है। यह आयोजन लोकदेवता रामदेव के प्रति श्रद्धा और मानव कल्याण के उनके आदर्शों के प्रति प्रतिबद्धता का प्रतीक है। यह शिविर अंत्योदय के संकल्प को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि यह चिकित्सा सेवा जीवन में उजाला भरने जैसा पुण्य कार्य है। यह जनकल्याण और मानव सेवा की मिसाल है जो सभी वर्गों के लिए समर्पित है। उन्होंने बताया कि एक अगस्त से दो सितंबर तक चलने वाले इस शिविर में सवा लाख से अधिक श्रद्धालुओं की आंखों की नि:शुल्क जांच की जाएगी और 11 हजार से अधिक लोगों की आंखों का ऑपरेशन उनके निवास के नजदीक अस्पतालों में नि:शुल्क कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि हमारी संस्कृति और त्योहारों में सेवा का भाव सर्वोपरि है। राज्य सरकार ने नेत्र स्वास्थ्य को लेकर निरंतर प्रयास किए हैं ताकि प्रदेशवासियों के जीवन में खुशियों की रोशनी बनी रहे। प्रतिवर्ष लाखों लोगों की नि:शुल्क मोतियाबिंद सर्जरी की जा रही है। नेत्र चिकित्सकों और सहायकों को नवीनतम तकनीकों का प्रशिक्षण और अत्याधुनिक उपकरण भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। नेत्रदान के माध्यम से कॉर्निया प्रत्यारोपण को भी बढ़ावा दिया जा रहा है।
मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत गरीब और वंचित परिवारों को 25 लाख रुपए तक नि:शुल्क इलाज की सुविधा दी जा रही है। यह सिर्फ एक स्वास्थ्य बीमा योजना नहीं बल्कि लाखों जिंदगियों को बचाने का मानवीय संकल्प है। इस योजना में प्रतिदिन लगभग 10 हजार लोगों को 10 करोड़ रुपए की राशि का कैशलेस उपचार मिल रहा है। मा वाउचर योजना के तहत प्रतिमाह 25 हजार गर्भवती महिलाओं को नि:शुल्क सोनोग्राफी की सुविधा दी जा रही है। अब तक लगभग 2 लाख 87 हजार महिलाओं को वाउचर दिए जा चुके हैं।
राजस्थान की धरती शूरवीरों, लोक देवी-देवताओं और संतों की भूमि है। राज्य सरकार आस्था स्थलों पर मूलभूत सुविधाओं का विकास कर रही है। वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के तहत हजारों यात्रियों को अयोध्या, विभिन्न तीर्थ स्थलों और नेपाल में भगवान पशुपतिनाथ के दर्शन कराए गए हैं। डबल इंजन की सरकार ऐतिहासिक फैसले ले रही है और विकसित भारत 2047 के साथ विकसित राजस्थान 2047 के लक्ष्य को लेकर कार्य कर रही है।
राज्य में सतही जल की उपलब्धता बढ़ाने के लिए राम जल सेतु लिंक परियोजना और यमुना जल समझौते जैसे कदम उठाए गए हैं। इंदिरा गांधी नहर और गंग नहर के लिए पर्याप्त संसाधन उपलब्ध कराए गए हैं जिससे श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ से लेकर जैसलमेर तक पानी की उपलब्धता सुनिश्चित हो सके। प्रधानमंत्री के कैच द रेन अभियान से प्रेरणा लेकर कर्मभूमि से मातृभूमि अभियान शुरू किया गया है। हाल ही में वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान भी शुरू किया गया है।
कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने मरीजों को अपने हाथों से चश्मा पहनाया और उनसे संवाद भी किया। उन्होंने अपनी आंखों की जांच भी कराई। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर ने कहा कि 33 दिन के इस शिविर में लाखों लोगों को नेत्र जांच का अवसर मिलेगा। उन्हें नि:शुल्क दवाएं और चश्मे वितरित किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि दृष्टि का उपहार देना बहुत बड़े पुण्य का कार्य है और ऐसे शिविर जन सेवा का बड़ा माध्यम हैं। समारोह में नेत्र कुंभ 2025 पुस्तिका का विमोचन भी किया गया। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के वरिष्ठ प्रचारक सुरेशचंद्र, क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम, विधायक महंत प्रतापपुरी सहित अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।