भारत का प्राचीन ज्ञान-विज्ञान
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने मंगलवार को संजय शर्मा म्यूजियम एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट के भ्रमण के दौरान कहा कि भारत Knowledge and Science में विश्व में अग्रणी रहा है। उन्होंने विदेशी आक्रांताओं द्वारा भारतीय धरोहर को अपनाने की बात कही और नई पीढ़ी को संग्रहालयों से जोड़कर प्राचीन ज्ञान को आधुनिक बनाने का आह्वान किया।

दुर्लभ संग्रह का अवलोकन
राज्यपाल ने संग्रहालय में प्राचीन भारत के Scientific Inventions, कागज निर्माण, समय गणना यंत्र, Artifacts, और Rare Manuscripts का अवलोकन किया। उन्होंने इसे भारत के Vishwaguru होने का प्रमाण बताया। प्राचीन अंक गणना, Astrology, Astronomical Calculations, और पंचांग से जुड़े यंत्रों व Artworks की बारीकी से सराहना की।
संग्रहालय की महत्ता
बागडे ने संग्रहालय को भारत की Cultural Heritage और विभिन्न प्रांतों की कला का अनुपम संग्रह बताया। उन्होंने इसे निजी स्तर पर किया गया सराहनीय प्रयास कहा और इसे इतिहास की खिड़की करार दिया, जो अतीत को समझकर भविष्य की राह बनाता है।
म्यूजियम का परिचय
संग्रहालय के सचिव तिलक शर्मा ने राज्यपाल को विभिन्न दीर्घाओं में प्रदर्शित Antiquities और Historical Artifacts की जानकारी दी, जो भारत की समृद्ध सांस्कृतिक और वैज्ञानिक विरासत को दर्शाते हैं।
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