मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की पहल और चिकित्सा मंत्री गजेन्द्र सिंह खींवसर के मार्गदर्शन में राजस्थान में अंगदान जैसे पुनीत कार्य को लगातार बढ़ावा मिल रहा है। इसी प्रयास के फलस्वरूप राज्य को अंगदान और प्रत्यारोपण के क्षेत्र में दो राष्ट्रीय पुरस्कार मिले हैं—इमर्जिंग स्टेट इन ऑर्गन डोनेशन एंड ट्रांसप्लांटेशन और एक्सीलेंस इन प्रमोशन ऑफ ऑर्गन डोनेशन।
नई दिल्ली के डॉ. अंबेडकर इंटरनेशनल सेंटर में आयोजित समारोह में केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने यह पुरस्कार प्रदान किए। राजस्थान की चिकित्सा शिक्षा विभाग की टीम ने यह सम्मान प्राप्त किया, जिसमें चिकित्सा शिक्षा सचिव अम्बरीष कुमार और आयुक्त इकबाल खान भी शामिल रहे।
गजेन्द्र सिंह खींवसर ने इस उपलब्धि के लिए अंगदान से जुड़े सभी अधिकारियों, संस्थाओं और परिजनों को बधाई दी, जिन्होंने उदारता से आगे आकर जीवनदान का कार्य किया। उन्होंने कहा कि अंगदान किसी को नया जीवन देने का सबसे बड़ा उपहार है और इससे कई ज़िंदगियाँ बचाई जा सकती हैं।
उन्होंने यह भी कहा कि देश में लाखों लोग अंग प्रत्यारोपण के इंतज़ार में हैं और यह इंतज़ार तभी खत्म होगा जब समाज में जागरूकता बढ़ेगी। राज्य सरकार अंगदान की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने प्रदेशवासियों से अपील की कि वे स्वेच्छा से अंगदान के लिए आगे आएं।
चिकित्सा शिक्षा सचिव अम्बरीष कुमार ने बताया कि विभाग अंगदान को बढ़ावा देने के लिए लगातार नवाचार कर रहा है। राजस्थान ऑनलाइन अंगदान शपथ लेने में देश में अग्रणी है और अंगदान से जुड़ी सुविधाओं में निरंतर सुधार किया जा रहा है। प्रयास है कि सभी मेडिकल कॉलेजों और अस्पतालों में यह सुविधा उपलब्ध हो।
आयुक्त इकबाल खान ने बताया कि हाल के वर्षों में अंगदान के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य हुआ है। प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने के लिए गाइडलाइन और SOP में कई सकारात्मक बदलाव किए गए हैं। नई कमेटियों का गठन हुआ है जिससे अंगदान की गति तेज़ हुई है।
अवार्ड समारोह में समुचित प्राधिकारी रश्मि गुप्ता, स्टेट ऑथोराइजेशन कमेटी के कन्वीनर गिरधर गोयल, सोटो के प्रतिनिधि धर्मेश और रोशन सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।