राजस्थान के बालोतरा जिले स्थित पचपदरा रिफाइनरी में आग लगने की घटना को चार दिन बीत चुके हैं, लेकिन इसे लेकर सियासी और प्रशासनिक हलचल अभी भी जारी है। इस बीच, Hindustan Petroleum Corporation Limited (HPCL) ने आग से हुए नुकसान और यूनिट के दोबारा संचालन को लेकर महत्वपूर्ण जानकारी साझा की है।

HPCL के अनुसार, 20 अप्रैल को लगी आग का प्रभाव सीमित क्षेत्र तक ही रहा। प्रारंभिक जांच में यह पुष्टि हुई है कि आग हीट एक्सचेंजर स्टैक तक सीमित थी। इस घटना में कुल 6 एक्सचेंजर और उनसे जुड़े कुछ सहायक उपकरण प्रभावित हुए हैं। कंपनी ने स्पष्ट किया कि व्यापक स्तर पर संरचनात्मक नुकसान नहीं हुआ है।
कैसे हुआ हादसा?
कंपनी के मुताबिक, आग लगने की वजह वैक्यूम रेजिड्यू एक्सचेंजर की इनलेट लाइन पर मौजूद प्रेशर गेज टैपिंग पॉइंट से संभावित गैस रिसाव को माना जा रहा है। फिलहाल तकनीकी जांच जारी है और सभी सुरक्षा मानकों की समीक्षा की जा रही है।
कब तक शुरू होगी यूनिट?
HPCL ने बताया कि प्रभावित यूनिट के रिस्टोरेशन का काम तेजी से चल रहा है और इसे अगले 3-4 सप्ताह में पूरा कर लिया जाएगा। क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) को मई 2026 के दूसरे पखवाड़े में फिर से शुरू किए जाने की उम्मीद है।
इसके अलावा, अन्य सहायक इकाइयाँ पहले से ही कमीशनिंग के उन्नत चरण में हैं। कंपनी को उम्मीद है कि LPG, पेट्रोल (MS), डीजल (HSD) और नैफ्था जैसे प्रमुख उत्पादों का परीक्षणात्मक उत्पादन मई 2026 में शुरू हो जाएगा।
आर्थिक महत्व और पृष्ठभूमि
Pachpadra Refinery को राजस्थान की अर्थव्यवस्था के लिए एक बड़ा टर्निंग पॉइंट माना जा रहा है। करीब 79,459 करोड़ रुपये की लागत से बनी यह परियोजना राज्य की सबसे बड़ी औद्योगिक पहलों में से एक है।इस परियोजना में HPCL की 74% और राजस्थान सरकार की 26% हिस्सेदारी है। शुरुआत में इस रिफाइनरी की अनुमानित लागत 37,000 करोड़ रुपये थी, और इसका शिलान्यास वर्ष 2013 में Sonia Gandhi द्वारा किया गया था फिलहाल सभी की नजरें इस बात पर टिकी हैं कि जांच रिपोर्ट क्या सामने लाती है और रिफाइनरी कब पूरी तरह से संचालन में लौटती है।