राजस्थान में गाय को ‘राज्य माता’ का दर्जा देने की मांग को लेकर सियासत तेज हो गई है। आरोप-प्रत्यारोप और बहस के बीच बुधवार को सरकार ने विधानसभा में अपनी स्थिति स्पष्ट कर दी। सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने इस मुद्दे पर कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि कांग्रेस केवल खुद को गौ-भक्त साबित करने की कोशिश कर रही है। उन्होंने गौहत्या के मुद्दे पर कांग्रेस के इतिहास का हवाला देते हुए विपक्ष पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया।
कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं
पशुपालन मंत्री जोरा राम कुमावत ने सदन में स्पष्ट किया कि राज्य सरकार की गाय को ‘राज्य माता’ घोषित करने की कोई मंशा नहीं है। उन्होंने कहा कि गाय भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा में सदियों से पूजनीय रही है और समाज उसे मां का दर्जा देता आया है, लेकिन सरकार स्तर पर ऐसा कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।
विपक्ष पर राजनीतिकरण का आरोप
मंत्री ने कहा कि एक गाय के बछड़े की मौत के मामले को विपक्ष अनावश्यक रूप से तूल दे रहा है। संबंधित किसान परिवार द्वारा परंपरागत तरीके से किए गए कार्य को राजनीतिक रंग देना उचित नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष संवेदनशील मुद्दों को राजनीतिक माइलेज के लिए उछाल रहा है। गाय आस्था और भावना से जुड़ा विषय है, लेकिन इसे सियासी हथियार नहीं बनाया जाना चाहिए।