पश्चिम बंगाल, असम, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में घोषित परिणामों ने जहां कई बड़े उलटफेर किए हैं, वहीं राष्ट्रीय राजनीति पर भी इसका व्यापक असर देखने को मिल रहा है।

2026 के विधानसभा चुनावों के नतीजों ने भारतीय राजनीति का समीकरण बदल दिया है। सबसे बड़ा राजनीतिक झटका पश्चिम बंगाल में लगा है, जहां Mamata Banerjee के 15 साल पुराने किले को ध्वस्त करते हुए Bharatiya Janata Party ने प्रचंड बहुमत की ओर बढ़त बनाई है। 294 सीटों वाले इस राज्य में बीजेपी ने 209 सीटों पर बढ़त हासिल कर ली है, जो बहुमत के आंकड़े से काफी ज्यादा है। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इसे “सुशासन की जीत” बताया और जनता का आभार जताया। दिल्ली में बीजेपी मुख्यालय पर जश्न भी मनाया गया, जहां पीएम मोदी बंगाली पोशाक में नजर आए।
हालांकि ममता बनर्जी ने इन नतीजों को स्वीकार करने से इनकार किया है। उन्होंने चुनाव आयोग पर पक्षपात और ईवीएम में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं। इसके बावजूद रुझान स्पष्ट संकेत दे रहे हैं कि सत्ता परिवर्तन तय है।
तमिलनाडु में इस बार सबसे बड़ा सरप्राइज देखने को मिला है। फिल्म सुपरस्टार Vijay की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam (TVK) ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 107 सीटों पर जीत या बढ़त हासिल की है। इस जीत के साथ विजय ने राज्य की पारंपरिक द्रविड़ राजनीति को बड़ी चुनौती दी है। M. K. Stalin समेत कई दिग्गज नेता पीछे चल रहे हैं। महिलाओं को आर्थिक सहायता और सामाजिक योजनाओं के वादे विजय के पक्ष में निर्णायक साबित हुए।
केरल में भी परंपरा कायम रही, जहां हर चुनाव में सत्ता बदलती है। इस बार Indian National Congress के नेतृत्व वाले यूडीएफ (UDF) ने 140 में से 100 सीटें जीतकर वामपंथी सरकार को सत्ता से बाहर कर दिया है। इस जीत के बाद पार्टी नेताओं ने जनता का आभार जताया और इसे बदलाव का जनादेश बताया।
असम में Himanta Biswa Sarma के नेतृत्व में बीजेपी ने अपनी पकड़ और मजबूत कर ली है। बीजेपी गठबंधन ने 126 में से 102 सीटों पर जीत दर्ज की, जबकि कांग्रेस महज 21 सीटों तक सिमट गई।
पुडुचेरी में All India NR Congress सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है और 11 सीटों के साथ आगे है, जिससे वहां सरकार गठन की स्थिति दिलचस्प हो गई है।
इन चुनाव नतीजों का सबसे बड़ा संदेश “मोदी फैक्टर” का कायम रहना है। Narendra Modi की रैलियां, नेतृत्व और रणनीति ने कई राज्यों में बीजेपी को बढ़त दिलाई है। वहीं Amit Shah की रणनीतिक योजना ने पूर्व और पूर्वोत्तर भारत में पार्टी को मजबूत आधार दिया है।
कुल मिलाकर, पश्चिम बंगाल और असम में बीजेपी की बड़ी जीत सिर्फ क्षेत्रीय सफलता नहीं, बल्कि राष्ट्रीय राजनीति में शक्ति संतुलन बदलने वाला परिणाम है। इससे राज्यसभा की राजनीति से लेकर आगामी चुनावों तक व्यापक असर देखने को मिल सकता है।