UP Top News Today: संभल में Jama Masjid सर्वे को लेकर बवाल, पुलिस और भीड़ के बीच पथराव, स्थिति नियंत्रण में
उत्तर प्रदेश के संभल जिले में ऐतिहासिक शाही Jama Masjid के सर्वे को लेकर रविवार सुबह भारी बवाल देखने को मिला। रविवार को सुबह साढ़े सात बजे से शुरू हुआ सर्वे विवादों में घिर गया, जब मुस्लिम समुदाय के बड़ी संख्या में लोग मस्जिद के पीछे एकत्र हो गए और विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। आरोप है कि सर्वे के दौरान Jama Masjid को हरिहर मंदिर के रूप में पहचानने की कोशिश की जा रही थी, जो समुदाय के एक हिस्से में आक्रोश का कारण बन गया।
Jama Masjid सर्वे के खिलाफ विरोध और पथराव
Jama Masjid के सर्वे के खिलाफ गुस्साए स्थानीय लोग सड़कों पर उतर आए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। देखते ही देखते यह विरोध हिंसक रूप ले लिया, और पुलिस के साथ पथराव शुरू हो गया। जानकारी के अनुसार, पुलिस द्वारा भीड़ को शांत करने की कोशिश की गई, लेकिन स्थिति बिगड़ गई और हिंसा बढ़ गई। इस पथराव में संभल के एसपी के पीआरओ भी घायल हो गए। पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए हल्का बल प्रयोग किया और आंसू गैस के गोले भी दागे गए, जिससे स्थिति कुछ हद तक सामान्य हो पाई।
दुकानें बंद, इलाके में तनाव का माहौल
संभल में Jama Masjid के सर्वे को लेकर हिंसा और विरोध प्रदर्शन के बाद इलाके में तनाव का माहौल बन गया। जैसे ही विरोध बढ़ा, Jama Masjid के पास स्थित दुकानें बंद हो गईं और आसपास के लोग अपनी सुरक्षा के लिए घरों में दुबक गए। स्थिति इतनी गंभीर हो गई कि पुलिस और प्रशासन को भारी पुलिस बल तैनात करना पड़ा। हालांकि, विरोध कर रही भीड़ की संख्या में लगातार वृद्धि हो रही थी, जिससे माहौल और भी तनावपूर्ण हो गया।
पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए कई प्रयास किए, लेकिन भीड़ का गुस्सा शांत नहीं हो रहा था। दो घंटे तक सर्वे टीम मस्जिद में काम करती रही, लेकिन विरोध और पथराव के कारण टीम को जल्द ही सर्वे को रोककर वहां से लौटना पड़ा। इस दौरान पुलिस को आंसू गैस के गोले भी फेंकने पड़े, ताकि भीड़ को तितर-बितर किया जा सके। पूरे इलाके में तनाव के चलते स्थानीय लोग भयभीत हो गए और अपनी दुकानों को बंद करके घरों में चले गए। प्रशासन ने इस मामले की गंभीरता को देखते हुए सुरक्षा कड़ी कर दी है।
सर्वे के उद्देश्य और विवाद
इस सर्वे का उद्देश्य Jama Masjid के ऐतिहासिक महत्व का निर्धारण करना था, लेकिन यह मुद्दा उस समय विवादित हो गया जब दावा किया गया कि Jama Masjid का स्थान पहले एक हिंदू मंदिर था। इस दावे के बाद इलाके में सांप्रदायिक तनाव बढ़ गया और विरोध प्रदर्शन तेज हो गए। स्थानीय नेताओं और मुस्लिम समुदाय के लोगों ने इसे गलत और भड़काने वाला कदम बताया। उनका आरोप था कि यह सर्वे बिना किसी ठोस कारण के किया जा रहा है और यह सिर्फ सांप्रदायिक उन्माद फैलाने की साजिश हो सकती है।
पुलिस का रुख और सुरक्षा इंतजाम
पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया, लेकिन भीड़ द्वारा लगातार नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन के कारण इलाके में तनाव बना रहा। विरोध को देखते हुए अधिकारियों ने तुरंत कदम उठाए और यह सुनिश्चित किया कि सर्वे के बाद भीड़ को हटाया जाए। इसके साथ ही शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए कड़े सुरक्षा उपाय लागू किए गए। पुलिस ने इलाके में भारी तादाद में बल तैनात किया, ताकि किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके। स्थिति को सामान्य करने के लिए पुलिस ने इलाके में गश्त बढ़ा दी और स्थानीय लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की।
फिलहाल पुलिस बल पूरे क्षेत्र में मौजूद है और सख्त सुरक्षा उपायों के साथ स्थिति पर पूरी निगरानी रखी जा रही है। प्रशासन की कोशिश है कि इलाके में शांति बहाल रहे और किसी भी तरह के और तनाव को रोका जा सके।
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