Kashmir में हड्डियां कंपाने वाली सर्दी, हिमाचल में बर्फबारी से हलकान; IMD ने जारी किया अलर्ट

By Editor
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Kashmir और हिमाचल में सर्दी का कहर, IMD ने जारी किया अलर्ट, दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति गंभीर

Kashmir: आज से दिसंबर महीने की शुरुआत हो गई है और इस महीने के पहले ही दिन से मौसम में बड़े बदलाव देखे जा रहे हैं। ना केवल मैदानी इलाकों, बल्कि पहाड़ी क्षेत्रों में भी मौसम ने करवट बदलनी शुरू कर दी है। कश्मीर और हिमाचल प्रदेश जैसे ऊंचे इलाकों में सर्दी ने जोर पकड़ लिया है, और इस दौरान IMD (Indian Meteorological Department) ने कई क्षेत्रों के लिए अलर्ट जारी किया है। कश्मीर में जहां तापमान जीरो डिग्री से भी नीचे चला गया है, वहीं हिमाचल में बर्फबारी ने लोगों को हलकान कर दिया है। वहीं, दिल्ली में प्रदूषण का स्तर जानलेवा बना हुआ है और इसके कारण शहरवासियों के लिए समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं।

Kashmir में सर्दी का प्रकोप

दिसंबर की शुरुआत में Kashmir घाटी के कई हिस्सों में सर्दी का प्रकोप और बढ़ गया है। श्रीनगर, गुलमर्ग, पहलगाम जैसे प्रमुख क्षेत्रों में तापमान लगातार गिरता जा रहा है। Kashmir का तापमान 0 डिग्री सेल्सियस से नीचे जा चुका है, जबकि पहाड़ी इलाकों में यह और भी नीचे चला गया है। Kashmir के ऊंचे इलाकों में बर्फबारी के कारण लोगों को मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है। Kashmir में तापमान में गिरावट के साथ ही घाटी के कई इलाकों में सुबह और शाम को ठंड और भी बढ़ गई है।

IMD के अनुसार, Kashmir के कुछ इलाकों में न्यूनतम तापमान -5 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है, जो इस समय तक की सबसे कम सर्दी होगी। Kashmir में मौसम विशेषज्ञों ने भविष्यवाणी की है कि Kashmir में शीतलहर की स्थिति और भी गंभीर हो सकती है और अगले कुछ दिनों में बर्फबारी की संभावना है। इसके साथ ही हिमस्खलन का खतरा भी बढ़ सकता है, जिससे यातायात प्रभावित हो सकता है।

हिमाचल में बर्फबारी और सर्दी का कहर

हिमाचल प्रदेश में भी दिसंबर की शुरुआत के साथ बर्फबारी का दौर शुरू हो गया है। कई पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी हो चुकी है और किन्नौर, चंबा, शिमला, और कुल्लू जैसे क्षेत्रों में बर्फ की चादर बिछ चुकी है। 3 दिसंबर तक हिमाचल में कई और इलाकों में बर्फबारी की संभावना जताई गई है।

इन क्षेत्रों में बर्फबारी से पर्यटन उद्योग को एक नई उम्मीद मिली है, लेकिन आम जनता के लिए यह समय कड़ी चुनौती लेकर आया है। बर्फबारी के कारण सड़कें फिसलन से भरी हुई हैं और वाहन चालकों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। भारी बर्फबारी के कारण कई ऊंचे इलाकों में बिजली की सप्लाई बाधित हो रही है और तापमान के गिरने से जल आपूर्ति भी प्रभावित हो सकती है।

IMD ने हिमाचल में बर्फबारी और बारिश के कारण ट्रैवल अलर्ट जारी किया है और कहा है कि लोग सावधानी बरतें। 3 दिसंबर तक बर्फबारी की आशंका के बीच सुरक्षा की दृष्टि से कई इलाकों में ट्रैफिक और यात्रा पर पाबंदियां लगाई जा सकती हैं।

केरल में बारिश और अलर्ट

इसके साथ ही दक्षिण भारत के राज्यों में भी मौसम का असर देखा जा रहा है। केरल में भारी बारिश की संभावना जताई गई है और इस कारण अलग-अलग जिलों में अलर्ट जारी किए गए हैं। मौसम विभाग ने 3 दिसंबर तक केरल के तटीय क्षेत्रों में भारी बारिश का अनुमान जताया है। तटीय इलाकों में जलभराव और बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो सकती है, जिससे फसलें प्रभावित हो सकती हैं और यात्रियों को दिक्कत हो सकती है।

IMD ने केरल के लिए रेड और ऑरेंज अलर्ट जारी किया है, जिसमें वायनाड, कन्नूर, कोझिकोड, अलप्पुझा और त्रिशूर जैसे प्रमुख जिलों में भारी बारिश और तूफान की चेतावनी दी गई है। केरल में बारिश के साथ-साथ तेज हवाएं चलने की संभावना है, जिससे बिजली के खंभे और पेड़ गिर सकते हैं, और जन जीवन प्रभावित हो सकता है।

दिल्ली में प्रदूषण की गंभीर स्थिति

वहीं, दिल्ली में प्रदूषण की स्थिति अभी भी गंभीर बनी हुई है। राष्ट्रीय राजधानी में प्रदूषण के स्तर में कोई खास कमी नहीं आई है। इससे लोगों को शारीरिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है, और स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि इस समय दिल्ली में सांस लेने में दिक्कत हो सकती है। दिल्ली का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) अभी भी बहुत खराब श्रेणी में है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक साबित हो सकता है।

दिल्ली सरकार और पर्यावरण विभाग ने प्रदूषण के स्तर को नियंत्रित करने के लिए विभिन्न कदम उठाए हैं, लेकिन ठंड और मौसम में बदलाव के कारण प्रदूषण की स्थिति लगातार बनी हुई है। इसके अलावा, वायु प्रदूषण से निपटने के लिए सख्त नियमों और कदमों की आवश्यकता महसूस हो रही है, जैसे कि निर्माण कार्यों को रोकना और वाहनों की संख्या को नियंत्रित करना।

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