जयपुर में 9 दिसंबर से 11 दिसंबर तक होने वाले Rising Rajasthan ग्लोबल इंवेस्टमेंट समिट की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। इस समिट में दुनिया भर से 30 से ज्यादा बड़े उद्योगपति और 185 स्टेट गेस्ट शामिल होंगे। समिट का मुख्य उद्देश्य राजस्थान में निवेश आकर्षित करना और राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। समिट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे, जिसमें उद्योगपतियों से सीधे निवेश की बातें की जाएंगी। समिट के दौरान सुरक्षा को लेकर भी कड़े इंतजाम किए गए हैं, जिनमें 11 आईपीएस अधिकारियों की निगरानी में करीब 4 हजार पुलिसकर्मी तैनात होंगे।
प्रमुख उद्योगपतियों की मौजूदगी
Rising Rajasthan: समिट में शामिल होने वाले उद्योगपतियों में अडाणी समूह के चेयरमैन गौतम अडाणी, महिंद्रा एंड महिंद्रा के चेयरमैन आनंद महिंद्रा, वेदांता लिमिटेड के चेयरमैन अनिल अग्रवाल, नेसले इंडिया के चेयरमैन सुरेश नारायण, और बोइंग इंडिया के अध्यक्ष सलील गुप्ते जैसे प्रमुख नाम शामिल हैं। इसके अलावा टाटा ग्रुप, आदित्य बिड़ला ग्रुप, गोदरेज इंडस्ट्रीज जैसे बड़े उद्योग समूहों के प्रमुख भी समिट में शामिल होंगे। इन उद्योगपतियों का भारतीय अर्थव्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान है, और वे समिट के दौरान राजस्थान में निवेश के संभावनाओं पर चर्चा करेंगे।
Rising Rajasthan: इन प्रमुख उद्योगपतियों के अलावा, अन्य क्षेत्रों के विशेषज्ञ भी समिट में अपनी भागीदारी देंगे। वोल्वो ग्रुप के अध्यक्ष कमल बाली, जेसीबी इंडिया के सीईओ दीपक शेट्टी, और हिंदुस्तान जिंक के सीईओ अरुण मिश्र जैसे नेता समिट में अपने अनुभव और रणनीतियों को साझा करेंगे, जिससे राज्य के निवेश माहौल को और बेहतर बनाने की दिशा में मदद मिलेगी।
स्टार्टअप कॉनक्लेव
Rising Rajasthan: इस समिट के दौरान स्टार्टअप कॉनक्लेव का आयोजन भी किया जाएगा, जहां प्रमुख स्टार्टअप फाउंडर्स के साथ संवाद होगा। पेटीएम के फाउंडर विजय शेखर शर्मा, ओयो रूम्स के रितेश अग्रवाल, योरस्टोरी की श्रद्धा शर्मा, और कारदेखो के सीईओ अमित जैन जैसे स्टार्टअप जगत के दिग्गज इस कॉनक्लेव में शामिल होंगे। इन फाउंडर्स के अनुभवों से राजस्थान के युवाओं और स्थानीय स्टार्टअप्स को प्रेरणा मिलेगी और राज्य में स्टार्टअप इकोसिस्टम को बढ़ावा मिलेगा।
रोनी स्क्रूवाला (अपग्रेड) और अजय डाटा (डाटा इंजीनियर ग्लोबल) जैसे प्रमुख फाउंडर्स भी समिट में शामिल होंगे, जो अपनी कंपनियों और स्टार्टअप्स के विकास की रणनीतियों पर चर्चा करेंगे।
185 स्टेट गेस्ट और विदेशी प्रतिनिधि
Rising Rajasthan: समिट में कुल 185 स्टेट गेस्ट शामिल होंगे, जिनमें राजदूत, निवेशक और बिजनेसमैन शामिल हैं। इन स्टेट गेस्ट में स्विट्जरलैंड, मलेशिया, स्पेन, ब्राजील, और वेनेजुएला जैसे देशों के प्रतिनिधि भी शामिल होंगे। समिट में भाग लेने के लिए 13 देशों के राजदूत ने अपनी सहमति दी है, जिनमें से कई देशों के राजदूत भारत में नियुक्त हैं। इन देशों के राजदूतों की उपस्थिति से समिट की अंतरराष्ट्रीय प्रतिष्ठा को और बल मिलेगा।
इसके अलावा, इन सभी 185 स्टेट गेस्ट के साथ एक-एक अधिकारी प्रोटोकॉल के तहत तैनात किए गए हैं, ताकि समिट की सुरक्षा और आयोजन में कोई कमी न रहे।
सुरक्षा के कड़े इंतजाम
Rising Rajasthan समिट में सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए गए हैं। समिट में भाग लेने वाले उद्योगपतियों, स्टेट गेस्ट्स और अन्य प्रमुख व्यक्तियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए 4 हजार पुलिसकर्मी तैनात किए जाएंगे। इन सुरक्षा बलों में 11 आईपीएस अफसरों सहित अन्य उच्चाधिकारी शामिल होंगे, जो समिट के दौरान सुरक्षा व्यवस्थाओं को संभालेंगे। इसके साथ ही, समिट स्थल के आसपास और महत्वपूर्ण स्थानों पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी।
सुरक्षा व्यवस्था को लेकर स्थानीय पुलिस प्रशासन और समिट आयोजनकर्ताओं के बीच समन्वय स्थापित किया गया है, ताकि समिट की सफलता में कोई रुकावट न आए।
समिट का महत्व
Rising Rajasthan समिट का आयोजन राजस्थान में निवेश के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए किया जा रहा है। राज्य सरकार का उद्देश्य राजस्थान को निवेशकों के लिए एक प्रमुख केंद्र के रूप में स्थापित करना है। समिट के दौरान, विभिन्न उद्योगों में राज्य में निवेश के लिए नीतियों पर चर्चा की जाएगी, और साथ ही निवेशकों के लिए अनुकूल वातावरण बनाने के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।
समिट में मौजूद उद्योगपतियों और विदेशी निवेशकों के साथ चर्चा के बाद राजस्थान में रोजगार के अवसर बढ़ने की संभावना है। इसके अलावा, समिट के बाद राज्य में आधुनिक उद्योगों की स्थापना और नवाचार को बढ़ावा मिलेगा, जिससे राज्य की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी।
भविष्य की योजनाएं
Rising Rajasthan: इस समिट के बाद, सरकार और उद्योगपतियों के बीच निवेश समझौते हो सकते हैं, जो राजस्थान के लिए लंबी अवधि में फायदे का सौदा साबित होंगे। समिट के दौरान, विभिन्न उद्योगों में नवाचार, तकनीकी विकास और नौकरी के अवसरों पर भी चर्चा की जाएगी।
इसके अलावा, स्टार्टअप इकोसिस्टम के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए जा सकते हैं, ताकि युवा उद्यमियों को और अधिक अवसर मिलें। राजस्थान सरकार का उद्देश्य राज्य को नवाचार और निवेश के लिए एक प्रमुख हब बनाना है, और यह समिट इस दिशा में महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकता है।