Rahul Gandhi को गाजीपुर बॉर्डर पर योगी पुलिस ने रोका: संभल यात्रा के लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम
कांग्रेस नेता Rahul Gandhi और उनकी बहन प्रियंका गांधी वाड्रा ने आज संभल जाने के लिए दिल्ली से रवाना होने का निर्णय लिया था, लेकिन उन्हें गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस द्वारा रोक लिया गया। Rahul Gandhi के साथ उनका काफिला जब घर से कुछ दूर बढ़ा, तो गाजीपुर बॉर्डर पर तैनात योगी सरकार की पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए बैरिकेड्स लगा दिए थे। इस घटना ने उत्तर प्रदेश और दिल्ली की सीमाओं पर सुरक्षा व्यवस्था को लेकर सवाल उठाए हैं, क्योंकि पुलिस ने कांग्रेस नेताओं को आगे बढ़ने से रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई की।
गाजीपुर बॉर्डर पर बैरिकेडिंग और भारी पुलिस बल तैनात
Rahul Gandhi के काफिले को गाजीपुर बॉर्डर पर रोके जाने के बाद, दिल्ली और गाजियाबाद में पुलिस की तैनाती और बढ़ा दी गई थी। गाजीपुर बॉर्डर पर भारी पुलिस बल के साथ-साथ पीएसी और क्यूआरटी टीमों को भी तैनात किया गया था। दिल्ली-गाजीपुर बॉर्डर पर बैरिकेड्स भी लगाए गए थे ताकि किसी भी हालत में कांग्रेस नेताओं को संभल जाने से रोका जा सके। यह कदम तब उठाया गया जब कांग्रेस पार्टी ने घोषणा की थी कि Rahul Gandhi 10 बजे घर से रवाना होकर संभल के लिए जाएंगे।
संभल में हिंसा के बाद सुरक्षा कड़ी
संभल में हुई हिंसा के बाद से प्रशासन ने संभल में सुरक्षा व्यवस्था को कड़ा कर दिया है। 10 दिसंबर तक बाहरी लोगों की एंट्री पर रोक लगा दी गई है। Rahul Gandhi और कांग्रेस कार्यकर्ताओं की इस यात्रा को लेकर प्रशासन ने पहले ही अन्य जिलों के जिलाधिकारियों से मदद मांगी थी ताकि Rahul Gandhi और उनके काफिले को संभल में प्रवेश न करने दिया जाए। इसके लिए गाजियाबाद, बुलंदशहर और अमरोहा के जिलों के डीएम को भी पत्र भेजे गए थे।
कांग्रेस का प्रशासन से विवाद
कांग्रेस ने प्रशासन के कदम को नकारते हुए कहा कि अगर संभल में धारा 163 लागू है, तो Rahul Gandhi को पांच लोगों के प्रतिनिधि मंडल के साथ यात्रा की अनुमति दी जानी चाहिए। पार्टी ने इस कड़ी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाया है और कहा है कि यह प्रशासन का अत्यधिक हस्तक्षेप है। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि Rahul Gandhi का यह दौरा पूरी तरह से शांतिपूर्ण और राजनीतिक उद्देश्य से था, फिर भी पुलिस ने इसे रोकने का प्रयास किया।
प्रियंका गांधी का समर्थन
प्रियंका गांधी वाड्रा, जो राहुल गांधी के साथ यात्रा पर थीं, ने भी इस प्रयास को गलत बताया। उन्होंने कहा कि यह सिर्फ राहुल गांधी की आवाज को दबाने का प्रयास है। प्रियंका गांधी ने कहा कि कांग्रेस का उद्देश्य सिर्फ लोगों तक उनके हक की बात पहुंचाना है और प्रशासन का इस तरह का व्यवहार लोकतंत्र के लिए खतरनाक है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि यूपी सरकार ने राजनीतिक कारणों से Rahul Gandhi को संभल जाने से रोकने के लिए यह कदम उठाया।
गाजीपुर बॉर्डर पर भारी सुरक्षा इंतजाम
गाजीपुर बॉर्डर पर पुलिस बल के अलावा, प्रशासन ने अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था बनाई थी। दिल्ली गाजीपुर बॉर्डर पर बैरिकेड्स लगाए गए थे, और पुलिस ने जगह-जगह चेकिंग की थी। पीएसी और क्यूआरटी टीमों की तैनाती यह दर्शाती है कि प्रशासन Rahul Gandhi और उनकी पार्टी के नेताओं को संभल जाने से रोकने के लिए पूरी तरह से तैयार था। इसके अलावा, दिल्ली और गाजियाबाद बॉर्डर पर सिविल पुलिस के अलावा विशेष सुरक्षा बल भी तैनात किए गए थे, ताकि स्थिति को नियंत्रित किया जा सके।
संभल यात्रा के दौरान हिंसा के बाद कड़ी कार्रवाई
संभल में हिंसा की घटना के बाद से प्रशासन ने सुरक्षा उपायों को और कड़ा कर दिया था। प्रशासन ने 10 दिसंबर तक बाहरी लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी थी। इसके अलावा, प्रशासन ने संभल यात्रा को लेकर कांग्रेस से यह भी आग्रह किया था कि केवल पांच लोगों का प्रतिनिधिमंडल ही संभल जाए। इस दौरान, कड़ी सुरक्षा के बावजूद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने यात्रा में हिस्सा लेने की योजना बनाई थी।
कांग्रेस का आरोप: लोकतंत्र पर हमला
कांग्रेस ने इस कदम को लोकतंत्र पर हमला मानते हुए कहा कि यह एक सुनियोजित प्रयास है ताकि Rahul Gandhi की आवाज को दबाया जा सके। कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह कदम पूरी तरह से राजनीतिक था और यूपी सरकार ने जानबूझकर इस यात्रा को विफल करने के लिए सुरक्षा बलों का इस्तेमाल किया। कांग्रेस का कहना है कि अगर प्रशासन की मंशा सही होती, तो उसे राहुल गांधी और पार्टी के नेताओं को संभल जाने की अनुमति दी जानी चाहिए थी।
अगला कदम: कांग्रेस की प्रतिक्रिया
इससे पहले कांग्रेस नेता और महासचिव अविनाश पांडे ने यह घोषणा की थी कि Rahul Gandhi सुबह 10 बजे घर से रवाना होंगे। इसके बावजूद, गाजियाबाद पुलिस ने पूरी तरह से कड़ा सुरक्षा इंतजाम किया था। अब यह देखना होगा कि कांग्रेस इस स्थिति में किस तरह की प्रतिक्रिया देती है और क्या प्रशासन के खिलाफ कोई कानूनी कदम उठाती है।
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