Noida में किसानों का विरोध जारी, गिरफ्तारी के बाद शांति भंग करने के आरोप में नेताओं को रिहा, भारी पुलिस तैनात
Noida में बुधवार को संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के नेताओं को शांति भंग करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था। लेकिन बाद में पुलिस ने उन्हें रिहा कर दिया। इन नेताओं की रिहाई के बाद किसान पुनः यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट पर आयोजित किसान पंचायत में शामिल हुए और धरने को जारी रखने का निर्णय लिया। किसान नेता गुरुवार सुबह फिर से यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट पर बैठक करेंगे, जिसमें यह तय किया जाएगा कि धरना उसी स्थान पर जारी रखा जाए या इसे किसी अन्य स्थान पर शिफ्ट किया जाए।
किसान नेताओं की गिरफ्तारी और रिहाई
Noida: पुलिस ने मंगलवार शाम को 160 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को गिरफ्तार किया था, जिनमें महिलाएं, बुजुर्ग और कुछ बीमार लोग भी शामिल थे। गिरफ्तार किए गए किसानों में से 123 किसानों को गौतम बुद्ध नगर की लुक्सर जेल में भेज दिया गया था। जबकि कुछ को मुचलके पर रिहा कर दिया गया था। इन किसानों की गिरफ्तारी के बाद भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने Noida के यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट पर महापंचायत आयोजित करने का निर्णय लिया।
हालांकि, राकेश टिकैत और उनके भाई नरेश टिकैत को पुलिस ने रास्ते में ही रोक लिया था। राकेश टिकैत को अलीगढ़ के टप्पल और नरेश टिकैत को भौंवरा कला में रोकने के बाद, राकेश टिकैत ने पुलिस को चकमा देने के लिए यमुना एक्सप्रेसवे पर दौड़ते हुए एक कैंटर पर चढ़ने की कोशिश की। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसमें राकेश टिकैत को कैंटर पर चढ़ते हुए और पुलिसकर्मियों को उनके पीछे दौड़ते हुए देखा जा सकता है। हालांकि, पुलिस ने कैंटर को रोककर राकेश टिकैत को फिर से हिरासत में ले लिया।
किसान पंचायत और आगामी योजनाएं
Noida: पुलिस की कार्रवाई के बावजूद किसानों ने विरोध प्रदर्शन जारी रखने का फैसला किया है। रिहा होने के बाद किसान नेता यमुना एक्सप्रेसवे के जीरो प्वाइंट पर आयोजित पंचायत में पहुंचे और अपनी मांगों को लेकर धरना जारी रखने की घोषणा की। किसान नेताओं ने बताया कि वे अपनी विभिन्न मांगों को लेकर प्रशासन से वार्ता करेंगे और यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो धरना कहीं और स्थानांतरित किया जा सकता है।
किसान नेता सुनील फौजी ने बताया कि किसानों की गिरफ्तारी के बाद भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने महापंचायत बुलाई थी। महापंचायत में राकेश टिकैत की गैरमौजूदगी में उनके बेटे गौरव टिकैत ने किसानों को संबोधित किया और उनका उत्साह बढ़ाया। गौरव टिकैत ने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी आवाज़ हमेशा जोरदार रहेगी और सरकार से अपनी मांगों को मनवाने तक उनका संघर्ष जारी रहेगा।
किसानों की प्रमुख मांगें
Noida: किसान आंदोलन की शुरुआत कुछ प्रमुख मांगों को लेकर हुई थी, जिनमें मुख्य रूप से कृषि कानूनों की वापसी, उचित न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP), और किसान विरोधी नीतियों के खिलाफ विरोध शामिल है। किसान नेताओं का कहना है कि जब तक सरकार उनकी मांगों को पूरा नहीं करती, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। किसान नेता सुनील फौजी और अन्य नेताओं ने यह भी कहा कि किसानों को उनके हक़ से वंचित नहीं किया जा सकता और वे किसी भी कीमत पर अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करेंगे।
पुलिस की सख्त कार्रवाई और सुरक्षा इंतजाम
इस बीच, Noida में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना से बचा जा सके। पुलिस ने इलाके में सुरक्षा कड़ी कर दी है और यमुना एक्सप्रेसवे पर अतिरिक्त पुलिस बल की तैनाती की गई है। पुलिस द्वारा गिरफ्तारी की कार्रवाई और फिर रिहाई के बाद किसान नेताओं और प्रदर्शनकारियों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है।
किसान आंदोलन का बढ़ता असर
Noida और आसपास के इलाकों में किसानों का विरोध अब और भी तेज होता जा रहा है। दिल्ली-एनसीआर में किसानों के बढ़ते आंदोलन को लेकर प्रशासन ने अपनी तैयारियां और कड़ी कर दी हैं। आंदोलनकारी किसानों का कहना है कि वे सरकार की ओर से की गई कोई भी कार्रवाई से डरने वाले नहीं हैं और उनकी मुख्य मांगें पूरी होने तक उनका प्रदर्शन जारी रहेगा।
किसान आंदोलन की बढ़ती सक्रियता से यह साफ हो गया है कि सरकार के साथ किसानों की वार्ता और समाधान की प्रक्रिया में अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। किसान नेता यह भी दावा कर रहे हैं कि सरकार द्वारा की गई किसी भी कार्रवाई का विरोध किया जाएगा और वे कानूनों को पूरी तरह से वापस लिए बिना शांत नहीं बैठेंगे।
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