रांची में JSSC कार्यालय पर कड़ी सुरक्षा, अभ्यर्थियों के आंदोलन को लेकर धारा 163 लागू
रांची में झारखंड कर्मचारी चयन आयोग (JSSC) कार्यालय के आसपास सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं, क्योंकि सितंबर में आयोजित एक भर्ती परीक्षा में कथित अनियमितताओं को लेकर अभ्यर्थियों के प्रस्तावित आंदोलन को लेकर प्रशासन सतर्क हो गया है। रांची जिला प्रशासन ने सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए एसएससी कार्यालय के 500 मीटर के दायरे में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 163 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी है। यह कदम तब उठाया गया, जब झारखंड राज्य छात्र संघ (JSSU) ने घोषणा की कि वे 20 दिसंबर को आयोग के कार्यालय का घेराव करेंगे।
कड़ी सुरक्षा तैनाती और निषेधाज्ञा का आदेश
रांची जिला प्रशासन ने 16 से 22 दिसंबर के बीच दस्तावेज सत्यापन के लिए चयनित 2,231 अभ्यर्थियों को बुलाया है। यह अभ्यर्थी झारखंड सामान्य योग्यताधारी स्नातक स्तरीय संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा (JGGCE) में सफलता प्राप्त करने के बाद दस्तावेज सत्यापन के लिए बुलाए गए हैं। आयोग ने इन अभ्यर्थियों के दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया के लिए एसएससी कार्यालय में 16 से 22 दिसंबर तक तारीखें निर्धारित की हैं। हालांकि, जेएसएसयू और अभ्यर्थियों के समूह ने घोषणा की थी कि वे इस प्रक्रिया को रोकने के लिए जेएसएससी कार्यालय का घेराव करेंगे।
रांची जिला प्रशासन ने इस आंदोलन को रोकने के लिए कड़ी सुरक्षा तैनात की है। शनिवार सुबह साढ़े पांच बजे से 20 दिसंबर रात आठ बजे तक, एसएससी कार्यालय के आसपास के 500 मीटर के दायरे में धारा 163 लागू की गई है। इसके तहत किसी को भी बिना जांच के प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। पुलिस और सुरक्षा बलों की तैनाती इस कदर की गई है कि सभी प्रवेश बिंदुओं पर जांच सुनिश्चित की जा रही है और सुरक्षा कड़ी बनाई गई है।
JSSU का आंदोलन और उसके उद्देश्य
झारखंड राज्य छात्र संघ (JSSU) के नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि उनका उद्देश्य आयोग की दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया को रोकना है। उन्होंने बताया कि भारी सुरक्षा इंतजामों और निषेधाज्ञा के बावजूद हजारों अभ्यर्थी रांची पहुंच चुके हैं और वे 20 दिसंबर को एसएससी कार्यालय का घेराव करने के लिए तैयार हैं।
महतो ने बताया कि इस बार आंदोलन में राज्य के 24 जिलों से अभ्यर्थी रांची पहुंच चुके हैं और वे अपने अधिकारों की रक्षा के लिए सत्यापन प्रक्रिया को बाधित करने के लिए पूरी तरह से तैयार हैं। उनका कहना है कि परीक्षा के दौरान जिन अनियमितताओं का आरोप था, उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है, और इसलिए वे आयोग के खिलाफ आंदोलन कर रहे हैं।
पुलिस प्रशासन की तैयारी
रांची पुलिस और जिला प्रशासन इस आंदोलन को लेकर बेहद सतर्क हैं। JSSC कार्यालय के सभी प्रवेश बिंदुओं पर सुरक्षा बढ़ा दी गई है, और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति को बिना जांच के प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आंदोलन के दौरान कोई भी अप्रिय घटना न हो, इसके लिए सभी जरूरी कदम उठाए गए हैं।
रांची प्रशासन का यह भी कहना है कि वे अभ्यर्थियों को शांति बनाए रखने की अपील कर रहे हैं और यह सुनिश्चित करेंगे कि कोई भी व्यक्ति कानून का उल्लंघन न करे। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी प्रकार की हिंसा या अव्यवस्था को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और कानून के मुताबिक कार्रवाई की जाएगी।
अभ्यर्थियों के लिए झारखंड कर्मचारी चयन आयोग का बयान
JSSC ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे शांति बनाए रखें और दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया में कोई विघ्न न डालें। आयोग ने यह भी कहा है कि जो अभ्यर्थी सत्यापन के लिए आएंगे, उनके साथ पूरी पारदर्शिता और ईमानदारी से व्यवहार किया जाएगा। आयोग का कहना है कि यदि किसी अभ्यर्थी को कोई समस्या होती है तो उसे उचित रूप से हल किया जाएगा और किसी भी प्रकार की शिकायतों का समाधान किया जाएगा।
भविष्य की कार्रवाई और स्थिति
JSSU का आंदोलन इस बात पर केंद्रित है कि भर्ती परीक्षा में अनियमितताएं रही हैं और उनका आरोप है कि इन मुद्दों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। वे चाहते हैं कि आयोग इन अनियमितताओं की जांच कर और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए। प्रशासन ने यह सुनिश्चित किया है कि पूरे मामले में कानून का पालन किया जाएगा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए सभी आवश्यक सुरक्षा इंतजाम किए जाएंगे।
रांची में इस समय JSSCकार्यालय पर स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है, लेकिन पुलिस और प्रशासन ने पूरी तैयारी के साथ स्थिति को नियंत्रण में रखने का प्रयास किया है। 20 दिसंबर के बाद स्थिति में सुधार होने की उम्मीद है, लेकिन इसके लिए दोनों पक्षों को शांतिपूर्वक और लोकतांत्रिक तरीके से अपने मुद्दों को उठाने की आवश्यकता होगी।
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