Fatehpur में सड़क हादसे में छात्र और रिक्शा चालक की मौत, घायलों को रेफर किया गया
उत्तर प्रदेश के Fatephur जिले के बिंदकी क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसा हुआ, जिसमें एक रिक्शा चालक और एक छात्र की मौत हो गई। हादसा उस वक्त हुआ जब एक ट्रक ने स्कूली छात्रों को लेकर जा रहे एक रिक्शे को टक्कर मार दी। इस घटना में दो बच्चों को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें इलाज के लिए कानपुर रेफर कर दिया गया है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सड़क पर विरोध प्रदर्शन किया और अंबेडकर चौराहे पर जाम लगा दिया, जिसे बाद में पुलिस अधिकारियों ने समझाकर खुलवाया।
हादसे की पूरी कहानी
Fatehpur: गुरुवार सुबह करीब 8 बजे बिंदकी कस्बे में स्थित जीपीएस स्कूल में छोटे बच्चों को लेकर एक रिक्शा चालक सुनील कुमार (50) अपने वाहन में सवार बच्चों को स्कूल ले जा रहा था। वह राजपुर थाना क्षेत्र से जीपीएस स्कूल की ओर बाराती नगर बिंदकी जा रहा था। रास्ते में फरीदपुर मोड़ के पास कानपुर-बांदा मार्ग पर अचानक एक डीसीएम ने रिक्शे को जोरदार टक्कर मार दी। यह टक्कर इतनी जोरदार थी कि रिक्शा चालक और उसमें सवार एक छात्रा मौके पर ही घायल हो गए और दोनों की मौत हो गई।
मृतकों की पहचान
Fatehpur: हादसे में जान गंवाने वालों में रिक्शा चालक सुनील कुमार (50) और एक छात्रा सृष्टि (8) शामिल हैं। सुनील कुमार बिंदकी के राजपुर गांव के निवासी थे, जबकि सृष्टि भी इसी क्षेत्र की निवासी थी और जीपीएस स्कूल की छात्रा थी। हादसे के समय रिक्शे में सृष्टि के अलावा और भी छोटे बच्चे सवार थे, जिनमें वैभवी, दैविक, अदिति, और आदर्श शामिल थे। इन बच्चों को भी चोटें आईं, जिनमें से दो गंभीर रूप से घायल हो गए थे।
घायलों का इलाज
Fatehpur: घायलों में से दो बच्चों, अदिति और वैभवी को गंभीर चोटें आईं और उन्हें तुरंत इलाज के लिए कानपुर रेफर किया गया। दुर्घटना के बाद स्थानीय लोग घटनास्थल पर इकट्ठा हो गए और उन्होंने गुस्से में आकर अंबेडकर चौराहे पर जाम लगा दिया। उनका कहना था कि इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए प्रशासन को तत्काल कदम उठाने चाहिए। हालांकि, पुलिस ने स्थिति को नियंत्रण में लिया और लोगों को समझाकर जाम खुलवाया।
पुलिस का बयान
Fatehpur: पुलिस अधीक्षक धवल जायसवाल ने हादसे की पुष्टि करते हुए बताया कि यह दुर्घटना फरीदपुर मोड़ के पास हुई, जहां डीसीएम ने रिक्शे को टक्कर मारी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। मामले की जांच की जा रही है और आरोपी वाहन चालक की तलाश की जा रही है। पुलिस ने यह भी बताया कि रिक्शे में कुल छह बच्चे सवार थे, जिनमें से दो बच्चों को गंभीर चोटें आईं और बाकी को हल्की चोटें आई हैं।
विरोध प्रदर्शन और जाम
Fatehpur: हादसे के बाद स्थानीय लोगों में गुस्सा फैल गया और उन्होंने सड़क पर अंबेडकर चौराहे पर जाम लगा दिया। उनका आरोप था कि क्षेत्र में सड़क सुरक्षा व्यवस्था सही नहीं है और प्रशासन को इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए कदम उठाना चाहिए। स्थानीय निवासियों का कहना था कि यहां अक्सर तेज रफ्तार वाहनों के चलते दुर्घटनाएं होती रहती हैं। जाम की स्थिति को देखते हुए पुलिस ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को समझाया और करीब आधे घंटे बाद जाम खुलवाया।
सड़क सुरक्षा की आवश्यकता
Fatehpur: इस दर्दनाक हादसे ने एक बार फिर सड़क सुरक्षा की आवश्यकता को उजागर किया है। बिंदकी क्षेत्र में सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला बढ़ता जा रहा है, और प्रशासन को इसके समाधान के लिए ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। खासकर स्कूल बच्चों को लेकर जा रहे वाहनों की सुरक्षा पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
सड़क पर तेज रफ्तार के कारण दुर्घटनाओं में वृद्धि हो रही है, और अब समय आ गया है कि प्रशासन और संबंधित विभाग इस दिशा में गंभीरता से विचार करें। इसके अलावा, जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को सड़क सुरक्षा के महत्व के बारे में भी बताया जाना चाहिए, ताकि इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।
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