यूथ लीडर डायलॉग कार्यक्रम: युवाओं को नेतृत्व सौंपने की पहल – Mandaviya

By Editor
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Mandaviya

केंद्रीय मंत्री मनसुख Mandaviya ने ‘विकसित भारत यूथ लीडर डायलॉग’ कार्यक्रम का शुभारंभ, युवाओं को नेतृत्व सौंपने की पहल

केंद्रीय श्रम व रोजगार एवं युवा मामले और खेल मंत्री, मनसुख Mandaviya ने शनिवार को ‘विकसित भारत यूथ लीडर डायलॉग’ कार्यक्रम का उद्घाटन किया, जिसमें उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम देश के युवाओं को नेतृत्व सौंपने की एक महत्वपूर्ण पहल है।

इस अवसर पर, उन्होंने तीन हजार से अधिक युवाओं को सम्बोधित करते हुए कहा कि यह कार्यक्रम युवाओं को सशक्त बनाने और उन्हें भारत के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करेगा। Mandaviya ने इसे भारत के इतिहास में पहला ऐसा कार्यक्रम बताया, जो देश के युवाओं को नेतृत्व सौंपने की दिशा में एक कदम आगे बढ़ाता है।

युवाओं को सशक्त बनाना और नेतृत्व सौंपना

मनसुख Mandaviya ने कार्यक्रम के उद्घाटन के दौरान कहा कि यह ऐतिहासिक आयोजन युवाओं को न केवल अपनी शक्ति का एहसास कराता है, बल्कि उन्हें एक साझा दृष्टिकोण में योगदान करने के लिए भी प्रेरित करता है। उन्होंने कहा कि यह कार्यक्रम भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के लिए युवा शक्ति की भूमिका को मान्यता देने का प्रयास है। कार्यक्रम में देशभर से आए युवाओं ने अपनी विचारधारा और दृष्टिकोण साझा किया, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि युवा अपने देश के भविष्य के लिए कितने प्रतिबद्ध हैं।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और स्वामी विवेकानंद की प्रेरणा

Mandaviya ने यह भी उल्लेख किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने युवाओं को नेतृत्व देने की दिशा में कई पहलें की हैं, और यही कारण है कि इस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। उन्होंने प्रधानमंत्री की पहल को युवाओं के लिए एक दिशा देने वाला कदम बताया और कहा कि इस प्रकार के आयोजन से युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ेगा।

Mandaviya ने स्वामी विवेकानंद का उदाहरण देते हुए कहा कि स्वामी विवेकानंद ने हमेशा युवाओं को संघर्ष और प्रेरणा के माध्यम से सफलता प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि जैसे स्वामी विवेकानंद ने युवाओं को आगे बढ़ने की दिशा दी, ठीक उसी तरह आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी युवाओं को नेतृत्व की दिशा में मार्गदर्शन प्रदान कर रहे हैं।

कार्यक्रम का उद्देश्य और महत्व

मनसुख Mandaviya ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का लक्ष्य 1 लाख यूथ लीडर तैयार करना है, और यह कार्यक्रम इस दिशा में पहला कदम है। इस कार्यक्रम के तहत, पूरे देश से युवाओं को चुना गया था, और यह पूरी प्रक्रिया स्वयंसेवी युवाओं द्वारा तैयार की गई थी। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में युवाओं के विचारों को महत्व दिया गया और उनके द्वारा सुझाए गए कार्यों को लागू किया गया। उन्होंने कहा कि इस कार्यक्रम का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश के विकास में युवा अपनी सक्रिय भूमिका निभाए, और उनका योगदान सीधे तौर पर राष्ट्र निर्माण में दिखाई दे।

क्विज प्रतियोगिता और युवा सहभागिता

इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए एक व्यापक चयन प्रक्रिया को लागू किया गया था, जिसमें 30 लाख से अधिक युवाओं ने क्विज प्रतियोगिता में भाग लिया। इसके बाद, 2 लाख से अधिक युवाओं को निबंध लिखने के लिए कहा गया, और उनमें से 60 हजार युवाओं ने निबंध प्रस्तुत किए।

अंत में, इन निबंधों में से 9 हजार युवाओं को उनके विषय पर प्रस्तुति देने के लिए चुना गया। इनमें से 3,000 युवाओं का चयन ‘यूथ यंग लीडर डायलॉग’ के लिए किया गया, जो कार्यक्रम में शामिल हुए और अपने विचार साझा किए। इस प्रक्रिया के दौरान, युवाओं की सक्रिय भागीदारी और उनके विचारों को प्रमुखता से माना गया, जिससे यह साबित होता है कि युवा न केवल देश के भविष्य के लिए जिम्मेदार हैं, बल्कि वे इसे आकार देने की पूरी क्षमता भी रखते हैं।

युवाओं के दृष्टिकोण पर चर्चा

Mandaviya ने इस अवसर पर युवाओं से यह पूछा कि उनके अनुसार एक विकसित भारत कैसा होना चाहिए, और उन्होंने कृषि, महिलाओं की स्थिति, और अन्य महत्वपूर्ण विषयों पर उनके विचार सुने। उन्होंने कहा कि जब उन्हें युवाओं के विचारों का पता चला, तो उन्हें पूरा विश्वास हुआ कि ये युवा 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सपने को पूरा करने में मदद करेंगे। उन्होंने इस विश्वास को व्यक्त किया कि युवाओं के विचार और उनके योगदान से देश को न केवल आर्थिक दृष्टिकोण से बल्कि सामाजिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण से भी समृद्धि मिलेगी।

कार्यक्रम में उद्योगपतियों का योगदान

कार्यक्रम में मशहूर उद्योगपति आनंद महेन्द्रा भी उपस्थित थे, जिन्होंने युवाओं के विभिन्न सवालों के जवाब दिए और उन्हें प्रोत्साहित किया। उन्होंने युवाओं से कहा कि वे अपने विचारों को खुले मन से व्यक्त करें और अपने देश के भविष्य को आकार देने में योगदान दें। उन्होंने यह भी कहा कि यह युवा शक्ति है, जो आने वाले समय में देश के विकास के लिए सबसे बड़ा स्रोत बनेगी।

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