बिहार विधानसभा चुनाव में NDA ने भारी जीत दर्ज की है और इसके जश्न का आयोजन शुक्रवार को भाजपा के दिल्ली मुख्यालय में किया गया। इस मौके पर प्रधानमंत्री ने करीब 42 मिनट तक संबोधन देते हुए कहा कि बिहार की जनता ने स्पष्ट संदेश दिया है और अब पूर्व की “कट्टा सरकार” लौटकर नहीं आएगी।
प्रधानमंत्री ने छठ पूजा का भी ज़िक्र किया और कहा कि जो लोग इसे “ड्रामा” कह सकते हैं, वे बिहार की संस्कृति और सम्मान की कद्र नहीं कर सकते। अपने भाषण में उन्होंने कांग्रेस, RJD और अन्य राज्यों जैसे पश्चिम बंगाल, केरल और तमिलनाडु के चुनावों का भी उल्लेख किया।
पीएम शाम 6:51 बजे मुख्यालय पहुंचे और कार्यकर्ताओं ने गमछा लहराकर उनका स्वागत किया।
चुनावी नतीजे:
NDA ने 243 में से 202 सीटें जीतकर रिकॉर्ड प्रदर्शन किया। महागठबंधन केवल 35 सीटों पर सिमट गया। बिहार में सरकार बनाने के लिए 122 सीटों की आवश्यकता होती है। भाजपा और JDU ने समान रूप से 101-101 सीटों पर चुनाव लड़ा, जबकि अन्य सहयोगी दलों LJP को 29 और HAM व RLM को 6-6 सीटें मिलीं।
प्रधानमंत्री के भाषण की मुख्य बातें:
- बंगाल में भाजपा की जीत का रास्ता: उन्होंने कहा कि बिहार की सफलता बंगाल में भाजपा की ताकत बढ़ाने में मदद करेगी और कांग्रेस के “जंगलराज” को समाप्त किया जाएगा।
- कांग्रेस का बदलता स्वरूप: प्रधानमंत्री ने कांग्रेस को “मुस्लिम लीगी माओवादी कांग्रेस” (MMC) करार देते हुए कहा कि पार्टी में एक नया धड़ा नेगेटिव राजनीति से अलग नजर आ रहा है।
- बिहार में विकास और रोजगार: आने वाले वर्षों में बिहार में निवेश, रोजगार और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। नई उद्योग परियोजनाओं और निवेश से स्थानीय युवाओं को काम के अवसर मिलेंगे।
- निवेशकों को आमंत्रण: उन्होंने देश और विदेश में मौजूद निवेशकों से बिहार में अवसर तलाशने की अपील की।
प्रधानमंत्री ने अंत में जनता से भरोसा जताने का आग्रह किया और कहा कि जनता का विश्वास ही उनकी प्रेरणा और संकल्प है।