याचिकाकर्ता का कहना था कि वह ‘JIGRA’ नाम से एक ऑनलाइन क्लास चलाता है। उनका दावा था कि फिल्म के लिए इस नाम का उपयोग उनकी क्लास के ट्रेडमार्क नियमों का उल्लंघन है। इसके विरोध में धर्मा प्रोडक्शन की ओर से सुप्रीम कोर्ट में उपस्थित सीनियर एडवोकेट एएम सिंघवी ने कहा कि ऑनलाइन टीचिंग सेंटर और फिल्म ‘JIGRA ‘ के बीच कोई समानता नहीं है।
फिल्म ‘JIGRA’ पर विवाद और कोर्ट का फैसला
आलिया भट्ट स्टारर फिल्म ‘JIGRA’ लगातार कानूनी विवादों में घिरी रही है। हालाँकि, अब फिल्म को सुप्रीम कोर्ट से बड़ी राहत मिल गई है। कोर्ट ने फिल्म के ‘JIGRA’ शब्द के इस्तेमाल पर रोक लगाने की याचिका को खारिज करते हुए इस ट्रेडमार्क उल्लंघन के मामले पर विचार करने से इनकार कर दिया है।

याचिकाकर्ता के दावे और धर्मा प्रोडक्शन JIGRA का पक्ष
याचिकाकर्ता ने कोर्ट में तर्क दिया कि वह ‘JIGRA’ नाम से एक ऑनलाइन क्लास चलाता है, और फिल्म का यही नाम रखना उनके ट्रेडमार्क अधिकारों का उल्लंघन है। इसके जवाब में धर्मा प्रोडक्शन की ओर से एएम सिंघवी ने दलील दी कि ‘जिगरा’ एक फिल्म है, जबकि याचिकाकर्ता का व्यवसाय शिक्षा क्षेत्र से संबंधित है, इसलिए दोनों में कोई समानता नहीं है।
Supreme Court का फैसला JIGRA पर
मुख्य न्यायाधीश डी.वाई. चंद्रचूड़ की अगुवाई वाली पीठ इस मामले की सुनवाई कर रही थी। यह याचिका राजस्थान उच्च न्यायालय के उस आदेश को चुनौती देने के लिए दायर की गई थी, जिसमें वाणिज्यिक अदालत ने फिल्म ‘जिगरा’ की रिलीज पर अस्थायी रोक लगा दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने इस रोक के आदेश पर विचार करने से इनकार कर दिया, जिससे फिल्म की रिलीज का रास्ता साफ हो गया।