केन्द्रीय सहकारिता मंत्री Amit Shah ने रविवार को त्रिपुरा में सहकारिता क्षेत्र को सशक्त बनाने के उद्देश्य से कई महत्वपूर्ण पहलों का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने राज्य के किसानों और गरीबों के कल्याण के लिए सहकारिता को एक प्रभावी रास्ता बताया। उन्होंने कहा कि सहकारिता मंत्रालय की स्थापना का उद्देश्य देश में समृद्धि लाना है, जिससे हर भारतीय को लाभ पहुंचे।
सहकारिता के माध्यम से समृद्धि का लक्ष्य
Amit Shah ने अपने संबोधन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा स्थापित सहकारिता मंत्रालय की कार्यशैली को रेखांकित किया और इसे देश की समृद्धि के लिए महत्वपूर्ण कदम बताया। उनका कहना था कि भारत केवल दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनने का लक्ष्य नहीं रखता, बल्कि इस प्रक्रिया में 140 करोड़ भारतीयों की सहभागिता सुनिश्चित करना चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि हर परिवार और व्यक्ति तक समृद्धि, शिक्षा, स्वास्थ्य और खुशहाली की सुविधा पहुंचाना सरकार का उद्देश्य है और इसके लिए सहकारिता से बेहतर कोई और तरीका नहीं हो सकता। सहकारिता, जो देश की 35 करोड़ से अधिक जनता से जुड़ी है, उन सभी के जीवन में बदलाव लाने का एक माध्यम बन सकती है।
सहकारी संस्थाओं का बढ़ता प्रभाव
Amit Shah ने बताया कि भारत में आठ लाख से अधिक सहकारी संस्थाएं कार्यरत हैं और ये संस्थाएं देशभर में लोगों को सशक्त बनाने का काम कर रही हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि संस्थाओं जैसे अमूल, इफ्को, कृभको और नेफेड ने सहकारिता के माध्यम से लाखों लोगों को लाभ पहुंचाया है। इन संस्थाओं ने केवल कृषि, खाद्य वितरण, चिकित्सा, और बैंकिंग जैसे क्षेत्रों में महत्वपूर्ण योगदान दिया है, बल्कि समाज के सभी तबकों को जोड़ने का काम किया है।
उनका कहना था कि सहकारिता के माध्यम से देश के हर कोने तक समृद्धि और विकास की पहुंच बनाई जा सकती है, क्योंकि यह प्रणाली ग्रामीण क्षेत्रों में विशेष रूप से प्रभावी है। इसके जरिए वित्तीय, कृषि, और अन्य आवश्यक सेवाएं सीधे लोगों तक पहुंचाई जा सकती हैं।
नए पहल और योजनाओं की घोषणा
Amit Shah ने इस अवसर पर त्रिपुरा के लिए कई नई योजनाओं का ऐलान किया। इनमें से एक योजना थी मोबाइल ग्रामीण मार्ट की शुरुआत। यह परियोजना नाबार्ड के सहयोग से शुरू की गई है और इसका उद्देश्य ग्रामीण इलाकों में दलहन, चावल और गेहूं का आटा सस्ते मूल्य पर उपलब्ध कराना है। यह पहल भारत ब्रांड के तहत लोगों तक सस्ती वस्तुएं पहुंचाने का एक अहम प्रयास है।
इसके अतिरिक्त, त्रिपुरा राज्य सहकारी बैंक के 50 प्राथमिक सहकारी समितियों को माइक्रो एटीएम से जोड़ने की घोषणा भी की गई। इस पहल से सहकारी समितियों के सदस्य वित्तीय सेवाओं का लाभ आसानी से उठा सकेंगे। त्रिपुरा में सहकारी पेट्रोल पंप और धलाई जिले में उपभोक्ता स्टोर का उद्घाटन भी किया गया, जो राज्य की अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।
ऑर्गेनिक कृषि के लिए सहकारी प्रयास
Amit Shah ने त्रिपुरा की पारंपरिक ऑर्गेनिक कृषि को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि त्रिपुरा में 70 प्रतिशत से अधिक उत्पाद ऑर्गेनिक होते हुए भी इनका सर्टिफिकेशन नहीं होता। इसके लिए उन्होंने राज्य के किसानों को नेशनल कोऑपरेटिव ऑर्गेनिक्स लिमिटेड से जोड़ने का सुझाव दिया, जिससे उनके उत्पादों का सर्टिफिकेशन हो सके। इससे किसानों को उनके उत्पादों के लिए बेहतर मूल्य मिल सकेगा, जिससे उनकी आमदनी में वृद्धि होगी।
Amit Shah का कहना था कि यह कदम त्रिपुरा के किसानों को अपने उत्पादों के उच्च मूल्य दिलाने में मदद करेगा और अगले दो-तीन वर्षों में कम से कम 30 प्रतिशत अधिक लाभ की उम्मीद जताई। इससे राज्य के कृषि क्षेत्र को नई दिशा मिलेगी और किसानों की आय में वृद्धि होगी।
प्रधानमंत्री मोदी का दृष्टिकोण
Amit Shah ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की नीति को भी सराहा, जिसमें किसानों, गरीबों और श्रमिकों के कल्याण के लिए सहकारिता को एक प्रमुख स्तंभ माना गया है। प्रधानमंत्री के नेतृत्व में, सरकार ने सहकारिता को एक सशक्त माध्यम बनाया है जो ग्रामीण भारत में आर्थिक बदलाव लाने में मदद कर रहा है।
प्रधानमंत्री के दृष्टिकोण के अनुसार, सहकारिता केवल आर्थिक प्रगति का साधन नहीं है, बल्कि यह सामाजिक और सांस्कृतिक समृद्धि का भी एक उपकरण है। इसके जरिए न केवल आर्थिक समृद्धि, बल्कि समाज में सामूहिक विकास भी संभव हो सकता है।
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