
देश को हर क्षेत्र में चमकाने वाला समाज: अमित शाह
जोधपुर में आयोजित माहेश्वरी समाज के महाकुंभ (MGC-2026) में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने समाज के योगदान की खुलकर सराहना की। अपने संबोधन के दौरान, उन्होंने माहेश्वरी समाज को ‘जॉब क्रिएटर’ के रूप में उजागर करते हुए कहा कि इस समाज ने देश को हर क्षेत्र में आभूषणों की तरह सजाया और चमकाया है। अमित शाह ने बताया कि माहेश्वरी समाज केवल नौकरी के लिए तलाश करने वाला नहीं रहा, बल्कि यह रोजगार देने वाला समाज भी बन चुका है। उन्होंने इस बात पर विशेष ध्यान दिया कि उच्च पदों पर पहुंचने के बावजूद यह समाज अपने सांस्कृतिक और पारंपरिक मूल्यों से जुड़ा हुआ है, जो इसे अन्य समाजों से अलग बनाता है।
2047 तक विकसित भारत का संकल्प
गृह मंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस संकल्प को दोहराया, जिसमें 2047 तक भारत को हर दृष्टि से विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य रखा गया है। उन्होंने कहा कि आत्मनिर्भर भारत की दिशा में आगे बढ़ते हुए स्वदेशी उत्पादों का अधिक से अधिक उपयोग करना जरूरी है। स्वदेशी अपनाना आत्मनिर्भरता का दूसरा और मजबूत स्तंभ है।
अर्थव्यवस्था और स्वदेशी पर जोर
अमित शाह ने कहा कि 2014 में भारत विश्व की 11वीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था था, लेकिन बीते 11 वर्षों में देश चौथे स्थान पर पहुंच चुका है। उन्होंने विश्वास जताया कि आने वाले समय में भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनेगा। इस लक्ष्य को हासिल करने में समाज की भूमिका अहम होगी।
राम मंदिर और सांस्कृतिक योगदान
अपने भाषण के दौरान, अमित शाह ने राम मंदिर आंदोलन में माहेश्वरी समाज के योगदान पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बताया कि स्वतंत्रता के बाद राम मंदिर के निर्माण के लिए सर्वप्रथम अपने प्राणों की आहुति देने वाले दो भाई इसी समाज से ताल्लुक रखते थे। इसके अतिरिक्त, उन्होंने कहा कि देश के सांस्कृतिक पुनर्जागरण में भी इस समाज की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण साबित हुई है।
27 देशों से आए समाज बंधु
इस महाकुंभ में, भारत सहित 27 देशों के लगभग 40 हजार माहेश्वरी समाज के लोग शामिल हो रहे हैं। इस आयोजन के लिए जोधपुर के पॉलिटेक्निक कॉलेज परिसर में 250 बीघा भूमि का उपयोग किया जा रहा है।
अमित शाह के भाषण का मुख्य विषय था रोजगार सृजन। उन्होंने माहेश्वरी समाज का उदाहरण देते हुए बताया कि यह समाज लंबे समय से उद्योग, व्यापार और उत्पादन के क्षेत्र में सक्रिय रहा है और इसने देश की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। उन्होंने ‘जॉब क्रिएटर’ शब्द का इस्तेमाल करते हुए युवाओं को उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करने का संकेत दिया।
सांस्कृतिक और वैचारिक पहलू
स्वदेशी उत्पादों पर जोर देना सीधे तौर पर आत्मनिर्भर भारत अभियान से संबंधित है। शाह ने स्पष्ट रूप से कहा कि आयात पर निर्भरता को कम करना और उन वस्तुओं का उत्पादन शुरू करना जो भारत में नहीं बनतीं, यही कदम देश को एक वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित करेगा।
निष्कर्ष
जोधपुर में आयोजित माहेश्वरी समाज के महाकुंभ में गृह मंत्री अमित शाह का संबोधन केवल समाज की सराहना नहीं था, बल्कि उसने देश के भविष्य का स्पष्ट दृष्टिकोण भी प्रस्तुत किया। उन्होंने रोजगार सृजन, स्वदेशी उत्पादों के उपयोग और आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण पहलुओं पर जोर दिया, जो दर्शाता है कि सामाजिक समुदाय आर्थिक विकास में अहम भूमिका निभा सकते हैं। उन्होंने 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य का भी उल्लेख किया और सांस्कृतिक मूल्यों को बनाए रखने की आवश्यकता को उजागर किया। यह कार्यक्रम समाज की एकता, उद्यमिता और राष्ट्र निर्माण के साझा संकल्प का एक मस्तिष्क सजग उदाहरण बनकर उभरा।
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