मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने जयपुर शहर की वर्तमान Traffic व्यवस्था को तुरंत सुगम और व्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए दीर्घकालीन कार्ययोजना तैयार की जाए, जिसमें गृह विभाग, यातायात विभाग, जेडीए, शहरी विकास और स्वायत्त शासन विभाग मिलकर सामूहिक रूप से काम करें।
मुख्यमंत्री निवास पर आयोजित उच्च स्तरीय बैठक में प्रदेश के प्रमुख शहरों की यातायात व्यवस्था पर चर्चा हुई। इसमें पुलिस और यातायात अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि आमजन को जागरूक करते हुए Traffic सेंस को बढ़ावा दिया जाए।
बैठक में जयपुर शहर में जाम की समस्या से राहत दिलाने के लिए व्यापारियों और नागरिकों से सुझाव लेकर व्यस्त मार्गों पर वन-वे Traffic व्यवस्था लागू करने की बात कही गई। चिन्हित ऑटो और बस स्टैंडों का स्थानांतरण शीघ्र किया जाएगा। मानसून के बाद हीरापुरा बस टर्मिनल से बसों का संचालन शुरू करने और नए स्थानांतरित बस स्टैंडों से जेसीटीसीएल बसों के माध्यम से शहर में आवागमन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
वाहनों की पार्किंग व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए शहर के प्रमुख स्थानों पर मल्टीलेवल पार्किंग विकसित की जाएगी। जोन आधारित ई-रिक्शा संचालन के दिशा-निर्देशों की पालना सुनिश्चित की जाएगी और जब्त ई-रिक्शाओं के लिए जेडीए यार्ड की व्यवस्था करेगा।
यातायात नियमों के उल्लंघन पर निगरानी के लिए आधुनिक कैमरे लगाने और केंद्रीकृत कंट्रोल रूम बनाने के निर्देश दिए गए। इसके लिए राजस्थान ट्रांसपोर्ट इन्फ्रास्ट्रक्चर डवलपमेंट फंड से वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति की जाएगी। यातायात नियमों की सख्त पालना कराई जाएगी और उल्लंघन पर नियमानुसार कार्रवाई होगी। बढ़ते वाहनों की संख्या को देखते हुए प्रमुख चौराहों को चिन्हित कर सिग्नल फ्री ट्रैफिक संचालन की योजना बनाई जाएगी।
बैठक में मुख्य सचिव सुधांश पंत, पुलिस महानिदेशक राजीव कुमार शर्मा सहित संबंधित विभागों के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।