Delhi में घने कोहरे और प्रदूषण की समस्या, एयरपोर्ट और रेलवे सेवाओं पर पड़ा गहरा असर
शुक्रवार सुबह Delhi में घना कोहरा छाया रहा, जिसका सीधा असर हवाई और रेल यात्रा पर पड़ा। जहां एक ओर घने कोहरे ने दिल्ली एयरपोर्ट पर विमानों की उड़ानों में देरी का कारण बना, वहीं दूसरी ओर Delhi के विभिन्न रेलवे स्टेशनों पर भी ट्रेनें कई घंटों की देरी से पहुंची और रवाना हुईं।
एयरपोर्ट पर विमानों की उड़ान में देरी
Delhi एयरपोर्ट पर शुक्रवार सुबह घने कोहरे के बावजूद विमानों की उड़ानें जारी रही। हालांकि, घने कोहरे के कारण विमानों के रनवे विजुअल रेंज में कमी नहीं आई और किसी भी विमान को दूसरे एयरपोर्ट पर डायवर्ट नहीं किया गया। सूत्रों ने बताया कि विमान की उडान में देरी की संभावना बढ़ गई थी, विशेष रूप से कैट-3 के अलावा अन्य विमानों के लिए। इसके बावजूद, यात्रियों को विमानों की उड़ानों में संभावित देरी के लिए सतर्क रहने की सलाह दी गई थी।
शुक्रवार को Delhi एयरपोर्ट से 20 अंतरराष्ट्रीय विमानों की उड़ान में देरी हुई, लेकिन किसी भी विमान को डायवर्ट नहीं किया गया। इस स्थिति में दिल्ली एयरपोर्ट पर यात्री कई घंटों तक इंतजार करते रहे, जिससे यात्रियों को असुविधा हुई।
रेलवे सेवाओं पर कोहरे का असर
वहीं, Delhi के रेलवे स्टेशनों पर भी कोहरे का असर नजर आया। रेलगाड़ियां कई घंटों की देरी से चल रही थीं और दिल्ली से विभिन्न शहरों के लिए रवाना होने वाली ट्रेनों को समय पर चलाने में समस्या हो रही थी। खासकर नई दिल्ली से बनारस जाने वाली बंदेभारत एक्सप्रेस ट्रेन को दोपहर तीन बजे के स्थान पर रात नौ बजे रवाना किया गया। इसके अलावा, कई अन्य राजधानी और एक्सप्रेस ट्रेनें भी घंटों की देरी से चल रही थीं।
रेल मंत्रालय ने भी यात्रियों को आगाह किया कि कोहरे के कारण रेल सेवाओं में देरी हो सकती है। रेलवे अधिकारियों ने यह भी कहा कि रेलवे ट्रैक पर भी कोहरे के कारण ट्रेन संचालन में मुश्किलें आईं, जिससे ट्रेन के संचालन में समय की अतिरिक्त आवश्यकता पड़ी।
Delhi में प्रदूषण की स्थिति और GRAP-3 पाबंदियां
Delhi में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए दिल्ली सरकार ने ग्रैप-3 के तहत पाबंदियों को फिर से लागू कर दिया है। इस पाबंदी के तहत दिल्ली और उसके आसपास के क्षेत्रों में निजी निर्माण और ध्वस्तीकरण कार्यों पर रोक लगा दी गई है। इसके अलावा, बीएस-3 पेट्रोल और बीएस-4 डीजल वाहनों के परिचालन पर भी पाबंदी लगा दी गई है।
Delhi का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) शुक्रवार को 371 के अंक तक पहुंच गया था, जो बेहद खतरनाक स्तर पर है। इस उच्च AQI को देखते हुए सरकार ने दिल्ली के स्कूलों में कक्षा पांच तक की कक्षाएं हाइब्रिड मोड में संचालित करने का निर्णय लिया। इसका मतलब है कि कक्षाएं ऑनलाइन मोड में भी चल सकती हैं, जिससे बच्चों की सेहत पर प्रदूषण का असर कम हो सके।
आगे की स्थिति
Delhi में कोहरे और प्रदूषण की बढ़ती स्थिति के कारण आने वाले दिनों में यातायात और सेहत पर गंभीर प्रभाव पड़ने की संभावना बनी हुई है। घना कोहरा विमानों और ट्रेनों की समयबद्धता को प्रभावित कर सकता है, जिससे यात्रियों को भारी देरी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में यात्रियों को एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन से पहले अपनी फ्लाइट और ट्रेन की स्थिति की जानकारी प्राप्त करनी चाहिए, ताकि वे समय से तैयार रह सकें और यात्रा में कोई परेशानी न हो।
इसके अलावा, प्रदूषण के कारण हवा की गुणवत्ता में भी गिरावट हो रही है, जो स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकता है। इस चुनौतीपूर्ण स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली सरकार और प्रशासन को ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है। वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए पाबंदियों को सख्ती से लागू करना और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देना आवश्यक है।
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