Delhi: ‘आप’ सरकार जाते ही यमुना सफाई शुरू, तीन साल का प्लान तैयार

By Editor
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यमुना सफाई अभियान: Delhi में आम आदमी पार्टी की सरकार जाते ही उपराज्यपाल के आदेश पर शुरू हुआ अभियान

Delhi में आम आदमी पार्टी (AAP) की सरकार के जाने के बाद, यमुना नदी की सफाई अभियान तेजी से शुरू हो गया है। Delhi के उपराज्यपाल वीके सक्सेना के आदेश पर यह सफाई प्रक्रिया शुरू हुई है। इस सफाई अभियान का उद्देश्य यमुना नदी में जमा कूड़ा, गाद, और प्रदूषण को हटाना है, जिससे नदी की जलधारा को साफ किया जा सके। एलजी कार्यालय ने जानकारी दी कि सफाई के लिए कई बड़ी मशीनें और ड्रेज यूटिलिटी क्राफ्ट्स तैनात किए गए हैं, जो यमुना में कचरा निकालने का कार्य शुरू कर चुके हैं।

यमुना सफाई के लिए शुरू हुआ कार्य

Delhi के उपराज्यपाल वीके सक्सेना ने इस अभियान को लेकर तुरंत कार्रवाई करने का निर्देश दिया था। उनके आदेश पर सफाई की प्रक्रिया का प्रारंभ हो चुका है और इसमें कचरा निकालने के लिए मशीनें, खरपतवार हटाने वाली मशीनें और ड्रेज यूटिलिटी क्राफ्ट्स का इस्तेमाल किया जा रहा है। वीके सक्सेना ने मुख्य सचिव और अतिरिक्त मुख्य सचिव (आई एंड एफसी) से मुलाकात की थी और उन्हें सफाई अभियान तुरंत शुरू करने का निर्देश दिया था।

भाजपा विधायक का बयान

Delhi: यमुना सफाई अभियान को लेकर भाजपा विधायक मनजिंदर सिंह सिरसा ने बयान दिया है कि एलजी ने पहले ही यमुना सफाई की रणनीति बनाई थी, लेकिन आम आदमी पार्टी ने सुप्रीम कोर्ट में इसे चुनौती दी थी। उनका कहना था कि आप का बयान कि “यमुना की सफाई से वोट जीते जा सकते हैं”, उनकी मानसिकता को दर्शाता है। सिरसा ने प्रधानमंत्री मोदी की कार्यशैली का समर्थन करते हुए कहा कि मोदी काम करके लोगों का दिल जीतते हैं, जबकि आप चुनावी लाभ के लिए राजनीति करती है।

यमुना सफाई के लिए चार सूत्री योजना

यमुना नदी की सफाई के लिए एक चार सूत्री योजना तैयार की गई है, जिसके तहत विभिन्न चरणों में काम किया जाएगा:

  1. कूड़ा और गाद हटाने का काम: सबसे पहले यमुना के पानी में जमी हुई गाद और कूड़ा हटाया जाएगा। इसके लिए बड़ी मशीनों का इस्तेमाल किया जा रहा है।
  2. मुख्य नालों की सफाई: यमुना नदी में बहने वाले सभी प्रमुख नालों की सफाई की जाएगी ताकि नदी में कचरा न पहुंचे।
  3. सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स की क्षमता बढ़ाना: सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट्स (STPs) की क्षमता को बढ़ाने के लिए योजनाएं बनाई जा रही हैं। इसका उद्देश्य गंदे पानी के निपटान को बेहतर बनाना है।
  4. नई एसटीपी और डीएसटीपी का निर्माण: नई एसटीपी (सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) और डीएसटीपी (डिस्ट्रिक्ट सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट) की योजना बनाई गई है, ताकि 400 एमजीडी (मिलियन गैलन प्रति दिन) गंदे पानी की कमी को पूरा किया जा सके।

2023 में भी हुई थी यमुना सफाई की शुरुआत

Delhi: यमुना नदी की सफाई की शुरुआत 2023 में भी की गई थी। इस समय एनजीटी (राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण) के आदेश पर एक 5 सदस्यीय कमेटी बनाई गई थी। हालांकि, आम आदमी पार्टी ने इस कमेटी पर सवाल उठाए थे और सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। आप का कहना था कि जब चुनी हुई सरकार मौजूद है, तो एलजी को कमेटी का हेड क्यों बनाया गया। इसके बाद सुप्रीम कोर्ट ने एनजीटी के आदेश पर रोक लगा दी थी।

यमुना सफाई अभियान की प्रगति और चुनौतियां

Delhi: यमुना सफाई अभियान में काफी चुनौतियां हैं, जिसमें नदी में बढ़ता प्रदूषण और प्रदूषित जलधारा शामिल है। कई सालों से लगातार बढ़ते प्रदूषण के कारण यमुना का जलस्तर घटता जा रहा है, जिससे पर्यावरण पर गंभीर असर पड़ा है। यमुना की सफाई के लिए सरकारें और गैर-सरकारी संगठन लगातार प्रयास कर रहे हैं, लेकिन सफाई की प्रक्रिया धीरे-धीरे होती रही है।

आलम यह है कि यमुना के पानी में बड़ी मात्रा में प्रदूषण फैला हुआ है, जो मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए हानिकारक है। सरकार की यह नई पहल, हालांकि देर से शुरू हुई है, लेकिन यदि इसे ठीक से लागू किया जाता है तो यह यमुना के पुनः जीवन में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हो सकती है।

यमुना नदी के महत्व पर ध्यान

यमुना नदी का Delhi और उसके आसपास के क्षेत्रों में ऐतिहासिक और धार्मिक महत्व है। यह न केवल जल आपूर्ति का मुख्य स्रोत है, बल्कि इसके किनारे बसे हुए लाखों लोगों की आजीविका भी इसी नदी से जुड़ी हुई है। यमुना के जल को साफ और प्रदूषण मुक्त करना इस क्षेत्र के पर्यावरण के लिए बेहद आवश्यक है। इसके अलावा, यमुना की सफाई से Delhi की सुंदरता में भी वृद्धि हो सकती है, जो इसे पर्यटकों के लिए और अधिक आकर्षक बना सकती है।

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