डीडवाना: नगर में विजयादशमी पर्व उत्साह और धूमधाम के साथ मनाया गया। शाम को पोस्ट ऑफिस के सामने दशहरा मेला मैदान में 41 फीट ऊंचे रावण का दहन हुआ। भगवान श्रीराम ने अग्निबाण चलाकर रावण का अंत किया, तो मैदान जयकारों से गूंज उठा।
राम-रावण युद्ध का मंचन
रावण बार-बार अपनी मायावी शक्तियों का उपयोग करता रहा, लेकिन अंततः विभीषण ने भगवान श्रीराम को बताया कि रावण की नाभि में अमृत कुंड है। यह सुनकर श्रीराम ने अग्निबाण चलाया और रावण का वध कर दिया।
इस मंचन ने उपस्थित श्रद्धालुओं को त्रेतायुग की याद दिला दी।
शोभायात्रा और आतिशबाजी
आयोजन से पूर्व आदिसिद्ध स्थान नागोरिया मठ से शोभायात्रा निकाली गई, जो लाहोटियो की गली, गुदड़ी बाजार, नागौरी गेट, बस स्टैंड और फव्वारा सर्किल होते हुए दशहरा मैदान पहुंची।
गज वाहन पर भगवान धनुष-बाण धारण किए रथ पर विराजमान हुए।
दशहरा मैदान पहुंचने पर रावण दहन से पूर्व आतिशबाजी ने माहौल को रोशन कर दिया।
रावण का पुतला धर्मेन्द्र वैष्णव ने तैयार किया
सनातन धर्म सभा के तत्वावधान में आयोजित इस मेले में धर्मेन्द्र वैष्णव और उनके परिजनों द्वारा 41 फीट ऊंचा रावण का पुतला तैयार किया गया।
रावण दहन के बाद शोभायात्रा रामेश्वर महादेव मंदिर, खिड़की दरवाजा, झालरिया मंदिर, बांगड़ चौक, गुदड़ी बाजार से होती हुई वापस मंदिर पहुंची।
हजारों की भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था
कार्यक्रम में हजारों की संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे। आयोजन में सनातन धर्म सभा ट्रस्टी पुरुषोत्तम व्यास, पूर्व नगरपालिका अध्यक्ष सुरेश वर्मा, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु शर्मा, डीएसपी धरम पूनिया, भाजपा नेता जितेंद्र सिंह जोधा सहित कई गणमान्य उपस्थित रहे।
सुरक्षा की दृष्टि से पुलिस प्रशासन की पुख्ता व्यवस्था की गई थी।