जालोर: राजस्थान सरकार के पशुपालन विभाग के निदेशक डॉ. आनन्द सेजरा ने गुरुवार को जालोर जिले का दौरा किया। उन्होंने आहोर क्षेत्र के भवरानी और भाद्राजून इलाकों में भेड़ों में फैल रही ब्लू टंग वायरल बीमारी की स्थिति का मैदानी निरीक्षण किया और विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षात्मक बैठक आयोजित की।
बैठक में निदेशक डॉ. सेजरा ने बीमारी की रोकथाम और नियंत्रण के लिए विस्तृत चर्चा करते हुए निर्देश दिए कि संक्रमण प्रभावित क्षेत्रों में फील्ड स्तर पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने राज्य स्तरीय विशेषज्ञों के मार्गदर्शन में चिकित्सा दलों के गठन, संक्रमित मवेशियों के उपचार और क्वॉरंटाइन उपायों को सुनियोजित तरीके से लागू करने पर जोर दिया।
इस अवसर पर जोधपुर रेंज के अतिरिक्त निदेशक डॉ. मनमोहन नागौरी ने अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश देते हुए कहा कि संक्रमण रोकथाम के लिए टीमों को सक्रिय रूप से कार्य करना चाहिए। वहीं संयुक्त निदेशक डॉ. गिरधर सिंह सोढ़ा ने बताया कि जालोर जिला अब लंपी रोग मुक्त है और जिले का प्रदर्शन मंगला बीमा योजना एवं एएमएस प्रणाली में राज्य में उत्कृष्ट रहा है।
बैठक में डा. संजय माली (सामला), डा. जगदीश विश्नोई (सांचोर), डा. पुनमाराम (चितलवाना), डा. महेश शिन्दे (रानीवाड़ा), डा. रामाभाई पटेल (जसवतपुरा), डा. जे.पी. शर्मा (आहोर), डा. जितेन्द्र शर्मा, राणाराम मेंगलवा, वरिष्ठ पशुधन प्रसार अधिकारी महावीर सिंह, जसवंत राज, महेश माली और तिकम सिंह सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन रविन्द्रसिंह राणापत (पशुपालन विभाग सायला) ने किया। समीक्षा बैठक के बाद निदेशक डॉ. सेजरा ने आहोर क्षेत्र के पशु चिकित्सा उपकेन्द्र खारा का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान केंद्र के उत्तम कार्य और व्यवस्था देखकर उन्होंने प्रभारी भागचंद यादव की पीठ थपथपाई और सराहना की।