मर्सिडीज के माइलेज को लेकर लगाया था E20 पेट्रोल पर आरोप, जांच में निकली इंजन की खराबी; बाद में मांगी माफी, ED कार्रवाई के दावों पर भी नहीं हुई पुष्टि

Sourav Joshi e20-पेट्रोल Controversy: देश के मशहूर यूट्यूबर और व्लॉगर सौरभ जोशी इन दिनों अपने व्लॉग की वजह से नहीं, बल्कि E20 पेट्रोल को लेकर दिए गए बयान के कारण चर्चा में हैं। उन्होंने शुरुआत में दावा किया था कि E20 पेट्रोल भरवाने के बाद उनकी मर्सिडीज कार का माइलेज काफी कम हो गया। हालांकि, बाद में सर्विस सेंटर की जांच में पता चला कि समस्या ईंधन में नहीं, बल्कि इंजन की मैकेनिकल खराबी के कारण थी। इसके बाद सौरभ जोशी ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगते हुए अपना बयान वापस ले लिया।
व्लॉग में माइलेज घटने का किया था दावा
कुछ दिन पहले जारी किए गए अपने व्लॉग में सौरभ जोशी ने बताया था कि उनकी मर्सिडीज कार का माइलेज अचानक से 17 किलोमीटर प्रति लीटर से घटकर पहले 9 और फिर करीब 5 किलोमीटर प्रति लीटर रह गया। उन्होंने आशंका जताई कि यह गिरावट E20 इथेनॉल मिश्रित पेट्रोल की वजह से हो सकती है।
जांच में सामने आई असली वजह, मांगी माफी
सौरभ जोशी ने अपनी मर्सिडीज कार को मर्सिडीज-बेन्ज़ सर्विस सेंटर भेजा। तकनीकी जांच के दौरान पता चला कि माइलेज कम होने की असली वजह इंजन से जुड़ी एक मैकेनिकल खराबी थी, न कि E20 पेट्रोल। रिपोर्ट सामने आने के बाद सौरभ जोशी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट साझा कर E20 पेट्रोल को लेकर हुई गलतफहमी के लिए माफी मांगी। उन्होंने लिखा कि उनका उद्देश्य किसी भी तरह की गलत जानकारी फैलाना या लोगों को भ्रमित करना नहीं था।
मर्सिडीज-बेन्ज़ इंडिया ने भी जारी किया बयान
विवाद के बाद मर्सिडीज-बेन्ज़ इंडिया ने भी आधिकारिक बयान जारी करते हुए कहा कि.. कंपनी के सभी BS-VI पेट्रोल वाहन E20 ईंधन के साथ पूरी तरह अनुकूल (Compatible) हैं। कंपनी के वाहनों को E20 ईंधन के लिए आवश्यक सरकारी प्रमाणन प्राप्त है और ग्राहकों की सुरक्षा, विश्वसनीयता और बेहतर प्रदर्शन कंपनी की सर्वोच्च प्राथमिकता है।
ED कार्रवाई के दावों की नहीं हुई पुष्टि
सोशल मीडिया पर कुछ वायरल पोस्ट में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कथित कार्रवाई का भी दावा किया गया। हालांकि, अब तक किसी भी सरकारी एजेंसी ने सौरभ जोशी के खिलाफ किसी जांच, छापेमारी या कार्रवाई की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।ऐसे में ED से जुड़े दावों को फिलहाल केवल सोशल मीडिया पर चल रही अपुष्ट अटकलें माना जा रहा है। इनके समर्थन में कोई आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है।