ड्राफ्ट सूची के बाद 2002 के बाद जुड़े मतदाताओं से मांगे जाएंगे दस्तावेज, आधार केवल पहचान—नागरिकता का नहीं प्रमाण
पादूकलां: भारत निर्वाचन आयोग के निर्देशानुसार कस्बे सहित पूरे क्षेत्र में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) सर्वे का कार्य बुधवार से शुरू हुआ। अभियान के पहले दिन बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं को फॉर्म वितरित कर रहे हैं और उनसे आवश्यक जानकारी एकत्रित कर रहे हैं।
जिला निर्वाचन अधिकारी (जिला कलक्टर) स्वयं फॉर्म की छपाई और वितरण की निगरानी कर रहे हैं।
बीएलओ द्वारा एकत्रित आवेदनों के आधार पर जल्द ही ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी की जाएगी। इसके बाद वर्ष 2002 के बाद जुड़े मतदाताओं से पहचान और नागरिकता के प्रमाण मांगे जाएंगे। निर्वाचन विभाग ने स्पष्ट किया है कि आधार कार्ड केवल पहचान का प्रमाण है, नागरिकता का नहीं।
फिलहाल आवेदन के समय किसी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं है। ड्राफ्ट सूची जारी होने के बाद जिन मतदाताओं के नाम पुराने रिकॉर्ड (2002) में दर्ज नहीं होंगे, उन्हें दस्तावेज जमा कराने के लिए नोटिस भेजा जाएगा और तय समय में आवश्यक प्रमाण प्रस्तुत करने होंगे।
बीएलओ सुपरवाइजर इंद्रराज ने बताया कि प्रत्येक बीएलओ एक माह में तीन बार घर-घर जाकर आवेदन फॉर्म उपलब्ध कराएंगे। यदि तीनों बार परिवार घर पर नहीं मिला, तो नोटिस चस्पा कर फॉर्म घर में डाल दिया जाएगा।