बाल दिवस के अवसर पर राजस्थान राज्य बाल अधिकार संरक्षण आयोग परिसर में भव्य बाल मेला और सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस आयोजन में कई सामाजिक संस्थाओं ने सक्रिय भागीदारी की, जिनमें सामाजिक संस्था “चेतना” (Childhood Enhancement Through Training and Action) की विशेष उपस्थिति रही। कार्यक्रम की शुरुआत आयोग की सचिव श्रीमती नसीम खान द्वारा फीता काटकर की गई।
कार्यक्रम में बच्चों ने नृत्य, नाटक, गीत और खेल गतिविधियों सहित कई आकर्षक प्रस्तुतियां दीं। चेतना संस्था के जयसिंहपुरा खोर वैकल्पिक शिक्षा केंद्र के बच्चों ने अपनी प्रतिभा व रचनात्मकता का प्रभावी प्रदर्शन किया। बच्चों द्वारा बनाई गई सुंदर रंगोली ने बालिकाओं के सशक्तिकरण और खेलों में उनकी भागीदारी का संदेश दिया। इसके साथ ही बच्चों ने POCSO कानून पर जागरूकता गीत प्रस्तुत किया, जिसे अतिथियों और जनप्रतिनिधियों की खूब सराहना मिली।
कार्यक्रम में उपस्थित सामाजिक संस्थाओं और अतिथियों ने बच्चों के उत्साह और आत्मविश्वास की प्रशंसा की। इस अवसर पर आयोग की सचिव नसीम खान ने सभी बच्चों को बाल दिवस की शुभकामनाएं दीं और आयोग की गतिविधियों के बारे में जानकारी साझा की। उन्होंने चेतना संस्था के एक बालक सोनू के पास दस्तावेज़ न होने की जानकारी मिलने पर उसका आधार कार्ड बनवाने हेतु सभी आवश्यक सहायता उपलब्ध करवाने का आश्वासन भी दिया।
सहायक निदेशक डॉ. देवेंद्र ने बच्चों के POCSO गीत और रंगोली की सराहना करते हुए जल्द ही शिक्षा केंद्र का दौरा करने की इच्छा जताई।कार्यक्रम का समापन खेल गतिविधियों, समूह फोटो और बाल हितैषी समाज निर्माण के संकल्प के साथ हुआ। आयोग ने भविष्य में भी ऐसे प्रेरक और जागरूकता आधारित कार्यक्रम लगातार आयोजित करने की बात कही।