मसूदा पुलिस थाने में आयोजित कार्यक्रम में क्षेत्र के सीएलजी, शांति समिति सदस्य व जनप्रतिनिधियों ने भाग लिया। वीडियो कॉन्फ्रेंस के जरिए गृहमंत्री अमित शाह ने नए आपराधिक कानूनों की जानकारी दी
ब्यावर: मसूदा पुलिस थाने में ‘नव विधान न्याय की पहचान’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में सीएलजी सदस्य, शांति समिति के प्रतिनिधि और क्षेत्र के गणमान्य लोग शामिल हुए। कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह द्वारा नए आपराधिक कानूनों पर आधारित प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह का सीधा प्रसारण (वीडियो कॉन्फ्रेंस) देखा गया।
गृह मंत्री अमित शाह ने अपने संबोधन में कहा कि वर्ष 2027 के बाद तीन वर्ष के भीतर हर पीड़ित को न्याय मिलना सुनिश्चित होगा। उन्होंने बताया कि अब भारतीय दंड संहिता (IPC) की जगह भारतीय न्याय संहिता लागू हो चुकी है, जिससे न्याय व्यवस्था और अधिक प्रभावी होगी।
शाह ने आगे कहा कि अब यदि कोई अपराधी अपराध के बाद देश छोड़ भी देता है, तो उसकी अनुपस्थिति में भी न्यायपालिका सुनवाई कर सजा सुना सकेगी। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा आयोजित प्रदर्शनी की सराहना करते हुए लोगों से उसे नजदीक से देखने का आग्रह किया।
मसूदा थाना परिसर में इस कार्यक्रम के लिए वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग की विशेष व्यवस्था की गई थी। इस दौरान मसूदा उपखंड अधिकारी दीपशिखा, पुलिस उप अधीक्षक सज्जन सिंह शेखावत, नगर पालिका ईओ अक्षय राजपुरोहित, थानाधिकारी सहित जनप्रतिनिधि, ग्राम रक्षक, पुलिस मित्र, महिला सखियाँ और सीएलजी सदस्य मौजूद रहे।