नाथद्वारा, राजसमंद: नाथद्वारा नगर में रसूखदारों के हौंसले इतने बुलंद हो गए हैं कि उन्हें न अधिकारियों का डर है और न ही कानून का। मामला गोवर्धन राजकीय जिला अस्पताल के पीछे गोवर्धन पर्वत के पास की प्लानिंग का है, जहां कुछ रसूखदार बिना किसी अनुमति के दिनदहाड़े बोरवेल खोद रहे हैं।
राजस्थान में कानून के तहत जनहित कार्यों को छोड़कर बोरवेल खोदने पर जुर्माना और छह माह तक की जेल की सजा का प्रावधान है। इसके बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की उदासीनता और कथित मिलीभगत के चलते रसूखदार खुलेआम धरती का सीना चीर रहे हैं।
स्थानीय लोगों ने उपखंड अधिकारी से लगातार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने फोन तक नहीं उठाए। तहसीलदार भी इस समय उपलब्ध नहीं थे। इस घटना ने स्थानीय नागरिकों और पर्यावरण विशेषज्ञों में चिंता और आक्रोश पैदा कर दिया है।
अब सवाल यह उठता है कि कानून हाथ में रखकर दिनदहाड़े बोरवेल करने वाले रसूखदारों पर कोई कार्यवाही होगी या नहीं। जनता की निगाहें इस ओर हैं कि प्रशासन कब तक इस गंभीर मामले पर कार्रवाई करेगा।