सोजत महोत्सव 2025 में राजस्थानी लोक संस्कृति की झलक: “घुमर नृत्य प्रतियोगिता” में किशोरियों ने बांधा समां

By admin
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पाली: सोजत महोत्सव 2025 के अंतर्गत शंकर बाग नव चौकियों में आयोजित राजस्थानी घुमर नृत्य समूह प्रतियोगिता में किशोरियों और युवतियों ने पारंपरिक लहंगा-चोली पहनकर अपने सामूहिक तालमेल, भाव-भंगिमा और नृत्य कौशल से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। हर प्रस्तुति पर हॉल में तालियों की गड़गड़ाहट गूंजती रही और कार्यक्रम ने लोक संस्कृति की जीवंत छटा पेश की।

कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन से हुई। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त समूहों को सोजत महोत्सव समिति के उपाध्यक्ष भवानी शंकर सोनी और देवी कंवर सोनी की ओर से क्रमशः ₹3100, ₹2100 और ₹1100 की पुरस्कार राशि, मोमेंटो और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए गए।

मुख्य अतिथि पूर्व कैबिनेट मंत्री लक्ष्मीनारायण दवे ने कहा, “लोक संस्कृति हमारी धरोहर है, इसे संरक्षित रखना हम सबका कर्तव्य है। सोजत महोत्सव अब प्रादेशिक स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है।”

विधायक शोभा चौहान ने अपने संबोधन में कहा, “घुमर राजस्थान की पहचान है और हर शुभ अवसर का अभिन्न हिस्सा है। सोजत महोत्सव अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन चुका है और निकट भविष्य में इसकी अलग पहचान बनेगी।”

कार्यक्रम का संचालन पुष्पत राज मुणोत और चेतन व्यास ने किया, जबकि घुमर नृत्य का प्रबंधन सुश्री किरण बौराना ने संभाला।

निर्णायक मंडल: मो. रफीक (ACBEEO), सेवानिवृत्त प्राचार्या अर्चना गुप्ता, महिला कांग्रेस जिलाध्यक्ष ऐश्वर्या सांखला।

विजेता समूह:

  • प्रथम पुरस्कार (₹3100): दीपिका सोनी, आराधना, वर्षिका, मोनिका, भाव्या, सिद्धिका, दिशिता, ज्योति
  • द्वितीय पुरस्कार (₹2100): श्री पूरण विधा मंदिर समूह – पायल, याशिका गहलोत, यशोधरा, अंजली, प्रियांशी
  • तृतीय पुरस्कार (₹1100): नीलम सोलंकी, वर्षा, जयश्री, नीरु

गणमान्य अतिथि: चैयरमैन प्रतिनिधि जुगल किशोर निकुंम, महिला जिला कांग्रेस अध्यक्ष ऐश्वर्या सांखला, माणकराज चौहान, अनोप सिंह लखावत, भवानी शंकर सोनी, जोगेश जोशी, ओमप्रकाश गुरु, राजेश तंवर, लालचंद मोयल, राजेश अग्रवाल, हितेन्द्र व्यास, सत्यनारायण गोयल, पुख सिंह रूंदिया, श्यामलाल व्यास, सत्तू सिंह भाटी, चुन्नीलाल बोस, ताराचंद सैनी, जवरीलाल बौराना, रशीद गोरी बादि और अन्य गणमान्य लोग।

इस आयोजन ने सोजत महोत्सव में लोक कला, संस्कृति और प्रतिभा के समृद्ध संगम को उजागर किया।

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