US Deportation: Jaishankar की हुंकार, कबूतरबाजों की खैर नहीं!

By Editor
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अमेरिका से डिपोर्ट किए गए भारतीयों पर बवाल: Jaishankar ने कबूतरबाजों को दी चेतावनी

Jaishankar: अमेरिका ने 104 अवैध भारतीय प्रवासियों को सैन्य विमान से भारत भेजा, लेकिन इसकी प्रक्रिया पर बवाल मच गया है। विपक्ष और मीडिया ने सवाल उठाया कि इन भारतीयों को हथकड़ी और बेड़ियों में क्यों लाया गया। इस विवाद को लेकर संसद में हंगामा मचा और विदेश मंत्री Jaishankar को इस मामले पर स्पष्टता देनी पड़ी। Jaishankar ने राज्यसभा में डिपोर्टेशन की प्रक्रिया को लेकर भारत की स्थिति को स्पष्ट किया और जवाब दिया कि यह पहली बार नहीं हुआ है। साथ ही, उन्होंने उन एजेंटों को चेतावनी दी जो अवैध तरीके से लोगों को अमेरिका भेजते हैं।

अमेरिका से डिपोर्ट किए गए भारतीयों का जत्था: पंजाब, हरियाणा, और गुजरात से अधिकांश
104 भारतीय नागरिकों का पहला जत्था, जिन्हें अमेरिका से डिपोर्ट किया गया था, बुधवार को अमृतसर पहुंचे। इन 104 लोगों में सबसे ज्यादा संख्या हरियाणा और गुजरात से आई थी, जहां से 33-33 लोग डिपोर्ट हुए थे। 30 लोग पंजाब के निवासी थे, जबकि अन्य लोग उत्तर प्रदेश, महाराष्ट्र, और चंडीगढ़ से थे। सबसे आश्चर्यजनक बात यह रही कि इसमें 25 महिलाएं और 12 नाबालिग बच्चे भी शामिल थे, जिनमें सबसे कम उम्र का बच्चा केवल चार साल का था।

विदेश मंत्री Jaishankar का बयान: कबूतरबाजों को चेतावनी
विदेश मंत्री Jaishankar ने स्पष्ट किया कि यह डिपोर्टेशन प्रक्रिया नई नहीं है और कई वर्षों से विभिन्न देशों द्वारा लागू की जाती रही है। उन्होंने कहा कि यह हर देश का दायित्व है कि वह अपने नागरिकों को अवैध रूप से विदेशों में रहने की स्थिति में वापस ले। Jaishankar ने इस दौरान उन एजेंटों को चेतावनी दी, जिन्होंने मोटा पैसा कमाने के लिए लोगों को डंकी रूट से अवैध रूप से अमेरिका भेजा। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार इस नेटवर्क को ध्वस्त करने की दिशा में काम कर रही है और एजेंटों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

संसद में बवाल: विपक्ष ने उठाए सवाल
अमेरिका से डिपोर्ट किए गए भारतीयों को हथकड़ी और बेड़ियों में लाए जाने पर विपक्ष ने जोरदार आपत्ति जताई। इसके कारण संसद में हंगामा मच गया और कई सांसदों ने सवाल उठाए कि आखिर क्यों भारत सरकार इस तरह के दुर्व्यवहार को स्वीकार कर रही है। इस पर विदेश मंत्री ने कहा कि भारत सरकार ने अमेरिका से बातचीत की है और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि भविष्य में डिपोर्ट किए जाने वाले भारतीयों के साथ कोई दुर्व्यवहार न हो।

डेटा से समझाया: यह प्रक्रिया नई नहीं है
Jaishankar ने संसद में पेश किए गए आंकड़ों के जरिए यह स्पष्ट किया कि अमेरिका से भारतीयों का डिपोर्टेशन कोई नई प्रक्रिया नहीं है। उन्होंने 2009 से लेकर 2024 तक के आंकड़े प्रस्तुत किए, जिनके मुताबिक, हर साल सैकड़ों भारतीय नागरिक अमेरिका से डिपोर्ट किए जाते रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, 2009 में 734, 2010 में 799 और 2011 में 597 भारतीयों को डिपोर्ट किया गया था।

भारत सरकार की कड़ी कार्रवाई: अवैध प्रवासन के खिलाफ
विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि सरकार अब अमेरिकी अधिकारियों से यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रही है कि डिपोर्ट किए गए भारतीयों के साथ कोई दुर्व्यवहार न हो। इसके साथ ही, उन्होंने यह भी बताया कि भारत की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को निर्देश दिया गया है कि वे अमेरिका से डिपोर्ट किए गए लोगों से बात करें और उन एजेंटों का पता लगाएं जिन्होंने इन्हें अवैध रूप से भेजा।

कबूतरबाजों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की योजना
विदेश मंत्री Jaishankar ने आगे कहा कि सरकार अमेरिका से डिपोर्ट किए गए सभी लोगों के बारे में जानकारी इकट्ठा करेगी और उन एजेंटों और एजेंसियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करेगी जिन्होंने इन लोगों को अवैध रूप से विदेश भेजा। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार अवैध आव्रजन उद्योग पर कड़ी कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है।

डिपोर्टेशन के बाद भारतीयों की सुरक्षा: सरकार की पहल
Jaishankar ने यह भी कहा कि भारत सरकार ने यह सुनिश्चित करने के लिए कई कदम उठाए हैं कि डिपोर्ट किए गए भारतीयों के साथ कोई भी प्रकार का दुर्व्यवहार न हो। उन्होंने बताया कि सरकार अमेरिका के साथ इस मुद्दे पर बातचीत कर रही है और भविष्य में इस तरह के घटनाओं को रोकने के लिए ठोस उपाय किए जाएंगे।

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